किसानों की सरकार किसान पुत्र भूपेश बघेल की अगुवाई में अन्नदाताओं का साथ नहीं छोड़ेगी: केशरी मोहन*

*किसानों की सरकार किसान पुत्र भूपेश बघेल की अगुवाई में अन्नदाताओं का साथ नहीं छोड़ेगी: केशरी मोहन*
खरोरा:—– रायपुर जिला पंचायत सदस्य केशरी मोहन साहू ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले ढाई सालों में कृषि क्षेत्र को अभूतपूर्व समर्थन दिया है। इसके परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ की आर्थिक गतिविधियां राष्ट्रीय मंदी के विपरीत सुचारू रूप से चलती रही। 2500 रुपए प्रति क्विंटल का अपना वादा पूरा करते हुए 2018 में जहां 81 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की,वही केंद्रीय सरकार के बोनस पर आपत्ति करने पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू कर 2019 में लगभग 84 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की। यह तय किया कि किसानों को वादे के अनुरूप मूल्य मिल सके। केशरी मोहन साहू ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह छत्तीसगढ़ सरकार को किसानों के साथ खड़े होने में तरह-तरह का रोड़ा अटकाती रही। पर उन्हें नहीं मालूम कि यहां किसानों की सरकार है और किसान का बेटा भूपेश बघेल की अगुवाई में किसानों का साथ नहीं छोड़ेगी। वर्ष 2020 में रिकार्ड 92 लाख मीट्रिक टन के लगभग लगभग धान खरीदी किया गया। वह भी तब जब केंद्र 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने के वादे से मुकर गई। 21 मई को किसानों के खाते में पहली किश्त का भुगतान भी हो गया। सरकार राजीव गांधी न्याय योजना की राशि जिस कारण से भी किश्तों में दे रही हो ,समय-समय पर मिलने वाली रकम किसानों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। केशरी मोहन ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने राजीवगांधी न्याय योजना का विस्तार करते हुए मक्का,गन्ना,सुगंधित धान, दलहन,और तिलहन को शामिल कर लिया है इसके उत्पादकों को भी नौ हजार रुपये राजीवगांधी न्याय योजना की राशि मिलेगी। कोदो का तो समर्थन मूल्य तीन हजार रुपए घोषित किया गया है,वहीं रागी भी न्याय योजना में शामिल है। छत्तीसगढ़ आज धान का विपुल उत्पादक बन गया है। इसके किसान और कृषि रकबा दोनों निरंतर बढ़ रहे हैं,यह उत्साह जनक जरूर है,पर अन्य कृषि उत्पादों में पराधीनता उचित नहीं है। आज से सिर्फ पचास साल पहले तक किसान अपने उपयोग के लायक तिलहन,दलहन,लकड़ी,रस्सी ,सब्जी सभी चींजों पर आत्म निर्भर थे वही समय फिर से लाना है। इसलिए भूपेश बघेल की सरकार ने राजीव गांधी न्याय योजना का विस्तार करते है धान के खेत मे वैकल्पिक फसल जैसे दलहन,तिलहन आदि लेने पर दस हजार रुपए प्रति एकड़ इनपुट सपोर्ट देगी। सब्जी ,मसाले, औषधीय उत्पादन को इससे प्रोत्साहन मिलेगा और किसानों की आत्म निर्भरता बढ़ेगी इसमें कोइ शक नहीं है। धान के खेत मे बहुवर्षीय वृक्षारोपण करने पर भी तीन साल तक राजीव गांधी न्याय योजना का लाभ मिलेगा किसान अपने खेतों में आम, अनार, मुनगा, संतरा, मोसंबी, बेर जैसे अनेक फलदार वृक्षों का रोपण कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। बांस और जल्दी तैयार होने वाले इमारती पेड़ों का वही वृक्षारोपण कर सकेंगे उन्हें भी राजीव गांधी न्याय योजना का लाभ मिलेगा। केशरी मोहन साहू जिला पंचायत सदस्य रायपुर ने छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को अपने पंख खोलकर ऊंची उड़ान का अवसर प्रदान किया है।

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खरोरा से लालजी वर्मा की रिपोर्ट=====