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गरियाबंद जिले में 70 खरीदी केन्द्रों में 33 करोड़ की होती है पत्ता खरीदी

गरियाबंद जिले में 70 खरीदी केन्द्रों में 33 करोड़ की होती है पत्ता खरीदी

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केशरी साहू /गरियाबंद/वन विभाग जिला कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले में कुल 70 खरीदी केन्द्रो में 33 करोड़ से अधिक की हर वर्ष पत्ता खरीदी होती है इस वर्ष 84 हजार मानक बोरा खरीदी का लक्ष्य है और लाभान्वित संग्रहको की संख्या लगभग 65 से 70 हजार है। वर्ष 2022 में 82601 मानक बोरा पत्ता खरीदी किया गया था जिसकी भुगतान 33 करोड़ 4 लाख से ऊपर किया गया है और 65404 संग्रहको ने पत्ता का विक्रय किया था। उदंती अभ्यारण्य के कोर एरिया को छोड़कर पूरे गरियाबंद जिला में पत्ता की खरीदी 70 खरीदी केन्द्रो में किया जाता है जिसमें से देवभोग क्षेत्र के ओड़िशा से लगे 12 खरीदी केन्द्रो में पिछले एक सप्ताह से पत्ता खरीदी प्रारंभ हो गया है।

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छत्तीसगढ़ प्रदेश के हर वर्ष 01 मई मजदूर दिवस के दिन से प्रदेश में हरा सोना की खरीदी प्रारंभ हो जाता था लेकिन इस वर्ष मौसम की बेरूखी बारिश आंधी तूफान के कारण तेंदूपत्ता खरीदी में संकट के बादल मंडरा रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वनोपज के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले हरा सोना तेंदूपत्ता है क्योकि इसके संग्रहण और इससे मिलने वाली आय से एक परिवार का लगभग 06 माह का गुजर बसर चल जाता है और तो और बच्चे के पढ़ाई लिखाई के साथ शादी विवाह में इस राशि का बेहतर उपयोग ग्रामीण करते है। एक ओर जहां अब तक हरा सोना की खरीदी प्रारंभ नही हुई है वही दूसरी तरफ हरा सोना संग्रहण को लेकर पिछले 4 -5 दिनों से क्षेत्र के ग्रामो में विवाद और झगड़ा की स्थिति निर्मित हो गई है आलम यहां तक देखने को मिल रहा है अपने गांव के जंगल के तेंदूपत्ता की सुरक्षा के लिए ग्रामीण महिला पुरूष बच्चे रात -रात भर जागकर गांव के मुख्य मार्गो में पहरा दे रहे है। मिली जानकारी के अनुसार तेंदूपत्ता की तोड़ाई कई ग्रामीणों के द्वारा पिछले एक सप्ताह से प्रारंभ कर दिया गया है और इसे लाकर घर में गड्डी बनाने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। अपने गांव के आसपास के तेंदूपत्ता की तोड़ाई के बाद ग्रामीण दूसरे गांवों के जंगलो में तेंदूपत्ता की तोड़ाई के लिए बकायदा सुबह 4 बजे से मोटरसायकल, जीप, ट्रेक्टर, पिकअप लेकर पहुंच रहे हैं और तेंदूपत्ता तोड़ने के बाद उसे वाहनो के माध्यम से अपने घर तक ला रहे हैं। इसकी जानकारी जब गांव के ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों में भारी आक्रोश बढ़ गया और कई ग्रामो के ग्रामीणों ने अपने गांव के मुख्य मार्ग नेशनल मार्ग में पिछले 3 -4 दिनों से पहरा देने लगे और जैसे ही दूसरे ग्राम के ग्रामीण तेंदूपत्ता संग्रहण कर मोटरसायकल, पिकअप, जीप के माध्यम से लाने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हे पकड़ा और पूरे संग्रहण किये गये तेंदूपत्ता को छीनकर सड़क पर फेक दिया इसके चलते गांव -गांव में पिछले 3 -4 दिनों से लगातार विवाद और झगड़ा की स्थिति निर्मित हो गई है ग्रामीणों द्वारा इस पूरे मामले की वीडियो बनाकर क्षेत्र के सोशल मिडिया में वायरल भी किया जा रहा है।

Keshri shahu

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