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खदान एवं चिकित्सालय की समस्या को दूर करने कंपनी वेलफेयर बोर्ड के सदस्य ने कंपनी निदेशक को पत्र लिखा

खदान एवं चिकित्सालय की समस्या को दूर करने कंपनी वेलफेयर बोर्ड के सदस्य ने कंपनी निदेशक को पत्र लिखा

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गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर/ बिश्रामपुर क्षेत्र की खदानों में कार्यरत कर्मचारियों, ठेका श्रमिको के लिए नहीं है कैंटीन, रेस्ट सेल्टर, सोचालय, बाथरूम तथा पीने का शुद्ध पानी की पुख्ता व्यवस्था का अभाव देखा जा रहा है। केंद्रीय चिकित्सालय में भी है सुविधाओं का भारी अभाव है।

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उक्त संबंध मे अजय विश्वकर्मा, सदस्य एसईसीएल वेलफेयर बोर्ड ने बताया कि दो दिन पूर्व केंद्रीय चिकित्सालय तथा खदानों का निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एसईसीएल के निदेशक कार्मिक के उद्घाटन किये जाने के बाद पिछले दो साल से डायलेसिस सेंटर बंद हो गया है! चिकित्सालय में मरीजों का बेड वर्षो पुराना होने के कारण आरामदायक नहीं रहे, कई बेड के पाया में ईंट लगाकर काम चलाया जा रहा है, एडमिट मरीजों का दवा टेबल/मिनी आलमीरा क्षतिग्रस्त है, ओपीडी तथा वार्ड में मरीजों के बैठने का फर्नीचर वर्षों पुराने एवं क्षतिग्रस्त है! अधिकारी स्टाफ तथा अतिगंभीर मरीजों के लिए निर्मित केबिन का विंडो ए.सी. ख़राब होकर बिखरे हुए है! चिकित्सालय का जेनरेटर सेट काफी पुराना है जो चलते चलते बंद हो जाते है जिससे एडमिट मरीजों को काफी परेशानी तथा चिकित्सीय कार्य में बाधा होती है! चिकित्सालय का मर्चुरी सर्वे ऑफ हो चूका है दो शव वाला नया मर्चुरी का फाइल 3-4 वर्ष से लंबित है, सुरक्षा कि दृष्टि से चिकित्सालय में सीसी टीवी कैमरा लगाना नितांत आवश्यक है, चिकित्सालय में मॉडलर किचेन नहीं है, एडमिट मरीजों को 2-3 वर्षो से फल नहीं मिल रहे है, बताया गया कि 120 रूपये में प्रति मरीज की राशि काम है! द्वितीय तथा तृतीय पल्ली में वार्ड आया की बेहद कमी के कारण एडमिट मरीजों को परेशानी हो रही है, चिकित्सालय में कार्यरत वार्ड आया, सफाई कर्मचारी, लेब एक्स रे फार्मासिस्ट को विगत 3 वर्ष से ड्रेस प्रदान नहीं किया गया है! दवाओं की काफी कमी है!
विश्वकर्मा ने बताया कि खदान गायत्री खदान में 632 कर्मचारी तथा 150 ठेका श्रमिक कार्यरत है, गायत्री खदान के केंटीन में 4 विंडो ए.सी. में 2 ए.सी. वर्षो से बंद है, केंटीन में कर्मचारियों के बैठने हेतु सिर्फ 8 चेयर तथा 3 प्लास्टिक के क्षतिग्रस्त टेबल है, सिर्फ एक पल्ली में चलने वाला केंटीन बंद होने के बाद पुरे गायत्री खदान परिसर में कर्मचारियों को पिने के लिए वाटर कूलर आर.ओ.शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं होती है, खदान के भीतर 8 घंटा जी तोड़ मेहनत करने वाले कर्मचारियों को शुद्ध पिने का पानी भी नहीं मिलता है और ना ही किसी भी कर्मचारी को पानी का डब्बा उपलब्ध कराया गया है! इसी प्रकार रेहर खदान में 558 कर्मचारी और 40 ठेका श्रमिक है जिनके आराम के लिए रेस्ट सेल्टर की कोई व्यवस्था नहीं है। 10 वर्ग15 फिट के कमरे को रेस्ट सेल्टर बताया गया पर सिर्फ पल्ली के प्रभारी इसका उपयोग करते है! दोनों खदान में कर्मचारियों के लिए बने लेट्रिन बाथरूम में पानी बिजली, एग्झास्ट फैन साफसफाई की व्यवस्था नहीं है बिल्डिंग क्षतिग्रस्त तथा उपयोग में नहीं है! गायत्री खदान का रेस्ट सेल्टर में साफसफाई, पानी की व्यवस्था नहीं है, सीलिंग पंखे प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है! रेहर, गायत्री, केतकी खदान के लिए अलग अलग एम्बुलेंस है परन्तु सिर्फ एक कॉमन ड्राइवर ही नियुक्त है.. वेलफेयर सदस्य ने निरीक्षण रिपोर्ट एसईसीएल के निदेशक कार्मिक को प्रेषित करते हुए त्वरित निराकार की की मांग किया है।

Ashish Sinha

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