
मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी को जनदर्शन, सीएम विष्णु देव साय करेंगे जनता से सीधा संवाद
रायपुर में 8 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम जनता से सीधे संवाद करेंगे और समस्याओं के त्वरित, संवेदनशील निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी को होगा जनदर्शन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुनेंगे आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश
रायपुर, 6 जनवरी 2026/ प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सीधे संवाद के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जनवरी, गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री आम जनता से सीधे मुलाकात कर उनकी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं सुनेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम नागरिकों की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनका समाधान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों तक तुरंत भेजा जाए और उनकी सतत मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष रूप से गरीब, वंचित, ग्रामीण, आदिवासी और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त संवेदनशीलता बरती जाए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जनदर्शन में राजस्व, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों के आवेदन प्राप्त होने की संभावना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पहले से ही आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन और जनविश्वास की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिक को अपनी समस्या लेकर दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और शासन स्वयं जनता तक पहुंचे।
जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार न केवल समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझेगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह तथा जनोन्मुखी बनाने में मदद मिलेगी।








