Advertisement

वृक्षारोपण से गांवों और जंगलों की बदलेगी तस्वीर: मुख्यमंत्री बघेल

प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना‘ का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 99 लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे:2 करोड़ 27 लाख पौधों का होगा वितरण

जैव विविधता उद्यान फुंडा का भूमिपूजन

विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधियों सहित वन प्रबंधन समिति के सदस्यों और कृषकों से किया वर्चुअल संवाद

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5

रायपुर, 06 जून 2021 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों, पंचायतों तथा वन समितियों की आय बढ़ाने के लिए शुरू की जा रही मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से निश्चित ही गांवों और जंगलों की तस्वीर बदलेगी। इससे किसानों को आय का एक नया जरिया मिलेगा। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हमारे गांवों में फिर से हरियाली दिखेगी। श्री बघेल ने कहा कि पूर्व में वृक्षों की कटाई के लिए बनाए नियमों के कारण जो व्यावहारिक कठिनाई आती थी, इस योजना में उन सभी के निराकरण की ओर भी ध्यान दिया गया है और इस योजना में निजी भूमि में लगाए गए वृक्षों की कटाई के लिए किसानों को भविष्य में अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आज यहां आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग जिले के ग्राम फुंडा में 20 एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे जैव विविधता उद्यान का भूमिपूजन भी किया। इसी प्रकार उन्होंने बिलासपुर में अरपा नदी के तट पर स्थित ग्राम सेंदरी, बस्तर जिले के ग्राम कोहकीमारी, डिलमिली, करपावण्ड, बलरामपुर जिले के ग्राम भेलईखुर्द, कांकेर जिले के कुलगांव, महासमुन्द जिले के मुंगईमाता, कवर्धा जिले के लोहझरी में वृक्षारोपण कार्य का शुभारंभ करते हुए कार्यक्रम मंे उपस्थित सांसद-विधायकों, संसदीय सचिव, वन प्रबंधन समिति के सदस्य और स्व सहायता समूहों के सदस्य और पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा की और योजना के क्रियान्वयन के लिए जन सहभागिता बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के साथ भी जोड़ा गया है। जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली है, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अपने खेतों में लगाए गए वृक्षों की कटाई के लिए किसानों को भविष्य में किसी भी विभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। योजना के तहत वन विभाग द्वारा इस साल 99 लाख से अधिक पौधे रोपने की तैयारी की गई है, साथ ही 2 करोड़ 27 लाख पौधों का वितरण भी किया जाएगा। इस बार के अभियान में जनभागीदारी होने के कारण सफलता की गारंटी भी अधिक होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाता है, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, इससे पंचायतों की आय में वृद्धि होगी। इसी प्रकार संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने व विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के पर्यावरण सुधार की दिशा में क्रांतिकारी योजना साबित होगी। इससे निजी भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा। गांवों में पर्यावरण सुधार, भू-जल स्तर में वृद्धि सहित अनेक तरह का लाभ लोगों को मिलेगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्ष 2021 से 2030 तक पारिस्थितिकी की पुनर्बहाली का दशक मनाया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा इस दिशा में ठोस पहल करते हुए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण योजना की शुरूआत की गई है। वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना को पर्यावरण संरक्षण और संतुलन के लिए काफी मददगार बताया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के सफल क्रियान्वयन के संबंध में वन विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों से सांसद, संसदीय सचिव, विधायक, वन प्रबंधन समिति के सदस्य भी ऑनलाईन जुड़े। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय राजेश तिवारी और विनोद वर्मा तथा मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी भी उपस्थित थे।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05