छत्तीसगढ़ में अनोखा धाम बनेगा बेमेतरा का सतनाम धाम – आशीष छाबड़ा

छत्तीसगढ़ में अनोखा धाम बनेगा बेमेतरा का सतनाम धाम – आशीष छाबड़ा

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बेमेतरा – विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शहर के वार्ड न.01 में नवनिर्मित सतनाम चौंक के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा शामिल हुए। परम पूज्य बाबा गुरूघासीदास के तैलचित्र का पूजा अर्चना कर 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित सतनाम चौंक का फीता काट लोकार्पण किए। इस अवसर पर विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लोक कल्याणकारी कार्य सरकार पूरी संकल्पबद्धता से कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार की योजनाओं से प्रदेश के लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया हैं। सामाजिक सुदृढ़ता और संगठन के उत्कृष्ट योगदान की वजह से सतनामी समाज समग्र क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और राजनीति सहित विविध क्षेत्रों में सतनामी समाज का प्रतिनिधित्व मिलता आ रहा हैं। यह प्रसन्नता का विषय है कि सतनामी समाज परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा के बताए सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, बाबा गुरू घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर पूरे मानव समाज को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया। उन्होंने जातिविहीन समाज की परिकल्पना करके सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया, बाबा गुरू घासीदास का यह संदेश सभी समाजों के लिए अनुकरणीय हैं, उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में अपने संदेश दिए इसका प्रमाण पंथी गीतों में मिलता हैं। संत किसी एक समाज के नहीं पूरे मानव समाज के होते हैं, बाबा गुरू घासीदास का संदेश सभी समाजों के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय हैं। बाबा गुरु घासीदास ने सत के मार्ग पर चलते हुए समाज के अधंकार को दूर करने का प्रयास किया, छत्तीसगढ़ की धरती में बाबा गुरु घासीदास अवतरित हुए और छत्तीसगढ़ी बोली में जन जन तक अपना संदेश पहुंचाया। समानता, सामाजिक समरसता का संदेश देकर बाबा ने मानव समाज को एक सूत्र के जोड़ने का कार्य किया। बाबा का संदेश मनखे मनखे एक समान मानव मानव में कोई भेदभाव नहीं हैं, सब समान हैं, इसके अलावा उन्होंने सत्य ही ईश्वर हैं और ईश्वर ही सत्य हैं का संदेश दिए। सामाजिक समरसता छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। पंथी गीत और नृत्य छत्तीसगढ़ का एक ऐसा लोक संगीत हैं, जिसमें अध्यामिकता की गहराई तो हैं ही, साथ ही भक्त की भावनाओं की ज्वार भी हैं। बाबा गुरू घासीदास ने सत्य का प्रतीक जैतखाम को बताया, सतनाम पंथ का श्वेत ध्वज शांति का प्रतीक हैं। बाबा गुरूघासीदास ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया, उनका संदेश आज भी प्रासंगिक हैं। दया, करूणा, सत्य मार्ग पर चलने, नारी सम्मान एवं पशुओं से प्रेम करने कहा, सतनाम के रास्ते पर चलने से जीवन में कामयाबी मिलती है, सतनामी समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं, रीति-रिवाजों को सहेजे रखने के लिए जागरुक हैं, लगातार सौहार्दपूर्ण सामाजिक आयोजन इसका बड़ा उदाहरण हैं। ज्ञान-विज्ञान से लेकर खेती-किसानी और राजनीति-व्यापार तक हर क्षेत्र में सतनामी समाज छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहें हैं। इस अवसर पर शकुंतला मंगत साहू अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बेमेतरा, टीआर जनार्दन, भूपेंद्र उपाध्याय सीएमओ नगर पालिका, राजालाल बंजारे अध्यक्ष प्रगतिशील छग सतनामी समाज, भुवनदास जांगड़े, लखन लाल डोंडे, कोमल मानदेव, केकरा पण्डित, ठाकुर प्रसाद जोशी, आगरदास डेहरे, मैना देवी मांडले, कुंजराम गेंड्रे, सुमन गोस्वामी अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी बेमेतरा, पचू साहू उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद बेमेतरा, मनोज शर्मा सभापति, आशीष राम ठाकुर सभापति, ललित विश्वकर्मा महामंत्री, राजा वर्मा सरपंच, मिथलेश वर्मा उपाध्यक्ष जनपद पंचायत बेमेतरा, रामकुमार भारती, रानी सेन पार्षद, जया साहू पार्षद, लक्ष्मी डेहरे, साधेलाल बघेल, सोमनाथ ध्रुव पार्षद, देवराम साहू पार्षद, धरम वर्मा पार्षद, शंकर चौहान एल्डरमैन, जनता साहू एल्ड्रमैन, ननकी पात्रे, चिंता कोशले, योगेश जांगड़े, हिरेश कुमार, संदीप खरे, अमित, मोहित भार्गव, सुखीराम रात्रे, सुरेश नवरंगे, कमलेश जांगड़े, राजकुमार जांगड़े, उमाशंकर दिवाकर, चिताराम बघेल, सहीत बडी संख्या में समाजिक पदाधिकारीगण, सदस्यगण उपस्थित रहें।