
विशेष ग्राम सभा में वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 की जानकारी, 125 दिन रोजगार व बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान
सुशासन सप्ताह के तहत विशेष ग्राम सभाओं में विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 की जानकारी दी गई। योजना में 125 दिन रोजगार, बेरोजगारी भत्ता और 7 दिन में मजदूरी भुगतान का प्रावधान है।
विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों को विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की दी गई जानकारी
अंबिकापुर, 26 दिसंबर 2025।जिले में आयोजित सुशासन सप्ताह के तहत तथा 24 दिसंबर 2025 को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 से संबंधित जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नया स्वरूप विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 – वीबी-जी राम जी को आगामी सत्र में लागू किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य समृद्ध, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का निर्माण करना है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास, अभिसरण और संतृप्ति को बढ़ावा देगी।
वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत अब अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
यदि कार्य की मांग करने के बाद रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो हितग्राही को बेरोजगारी भत्ता देने का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।
योजना अंतर्गत 07 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान का प्रावधान किया गया है। यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो प्रति दिवस 0.05 प्रतिशत की दर से विलंब मजदूरी भत्ता दिया जाएगा। कार्य की मांग के आधार पर 15 दिवस के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
इस योजना के अंतर्गत कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है—
- जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्य
- ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य
- आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्य
- जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य
वीबी-जी राम जी के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर विकसित पंचायत की रूपरेखा के आधार पर कार्य योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन्हें पीएम गति-शक्ति सहित राष्ट्रीय स्थानिक योजना प्रणालियों से एकीकृत किया जाएगा।
पंचायतों की भौगोलिक स्थिति, नगरीकरण की दिशा में प्रगति एवं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का निर्माण किया जाएगा।
कृषि के व्यस्ततम समय में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 60 दिनों का कृषि अवकाश निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को खेती के कार्यों में पर्याप्त श्रमबल मिल सके।
योजना के क्रियान्वयन में पंचायतीराज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पंचायतें—
- श्रमिकों का पंजीकरण करेंगी
- ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करेंगी
- कार्यों की प्राथमिकता तय कर कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों का निष्पादन करेंगी
साथ ही ग्राम सभा द्वारा नियमित सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा।
योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु—
- बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
- स्पैटियल टेक्नोलॉजी आधारित आयोजन
- मोबाइल ऐप व डैशबोर्ड आधारित निगरानी
- साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण प्रणाली
जैसे प्रावधान किए गए हैं। सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
वीबी-जी राम जी योजना के तहत 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार तथा 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।










