ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़रायपुर

मुख्यमंत्री ने किया एसडीजी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट व एसडीजी डैशबोर्ड का विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने सतत् विकास लक्ष्य (SDG) के जिला स्तर तक स्थानीयकरण व सतत् प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार किये गये ’’छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट’’ व ’’एस.डी.जी. डैशबोर्ड’’ का विमोचन रविवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में किया।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एस.डी.जी. लक्ष्य की समयबद्ध प्राप्ति हेतु प्रतिबद्ध है। ’’जनघोषणा पत्र’’ के उद्देश्यों में भी एस.डी.जी. लक्ष्य के अनुरूप ’अंत्योदय’ का संकल्प सम्मिलित है। एस.डी.जी. के सिद्धांत के अनुरूप ही सरकार अपनी योजनाओं को इस प्रकार क्रियान्वित कर रही है, जिससे विकास के लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। एस.डी.जी. के क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार के विभागों द्वारा अनवरत प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार की गई ’’छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट’’ व ऑनलाईन मॉनिटरिंग में सहायता हेतु तैयार किये गये ’’एस.डी.जी. डैशबोर्ड’’ में प्रत्येक जिले को ’स्कोर’ एवं ’रैंकिंग’ प्रदान की गई है। जो जिलों को 2030 तक निर्धारित लक्ष्य की प्राप्त करने की दिशा में पथ प्रदर्शक का कार्य करेगा और सभी कलेक्टरों को प्रगति बाधक चिन्हित क्षेत्रों की पहचान कर साक्ष्य आधारित निर्णय लेने में भी मदद करेगा। यह रिपोर्ट व डैशबोर्ड प्रत्येक जिला एवं विभाग को अपनी स्थानीय क्रियान्वयन प्रतिबद्धता की पहचान कर अपने हितधारकों के बहुमुखी विकास सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगी। समस्त जिला कलेक्टर रिपोर्ट व डैशबोर्ड में उल्लेखित इंडिकेटर संबंधित योजनाओं के प्रभावी अनुश्रवण व अनुशीलन तथा डाटा संकलन एवं रिर्पोटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तथा 2030 तक निर्धारित लक्ष्य पूर्ति हेतु हर संभव प्रयास सुनिश्चित करेंगे।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी अमरजीत भगत, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सुब्रत साहू, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव अनूप कुमार श्रीवास्तव, यूनिसेफ प्रमुख छत्तीसगढ़ जॉब जकारिया, राज्य योजना आयोग के संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया उपस्थित थे।

UN ने निर्धारित किए 17 SDG लक्ष्य
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह ने जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) द्वारा सतत् विकास के लिए 17 SDG लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं। SDG के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु देश तथा राज्य प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार किये गये ’’छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट’’ व ऑनलाईन मानिटरिंग में सहायता हेतु तैयार किये गये ’’एस.डी.जी. डैशबोर्ड’’ के आधार पर जिला कलेक्टर व विभाग विभिन्न सतत् विकास लक्ष्यों की प्रगति का मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं अनुशीलन कर सकेंगे। राज्य शासन द्वारा जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ’’जिला स्तरीय एसडीजी क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति’’ गठित की गई है। इस समिति में संयोजक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं सह-संयोजक, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी हैं। तैयार की गई रिपोर्ट व डैशबोर्ड के आधार पर जिला कलेक्टर व विभाग विभिन्न सतत् विकास लक्ष्यों की प्रगति का मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं अनुशीलन कर सकेंगे। रिपोर्ट में सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं अन्य पहलुओं संबंधी कुल 82 इंडिकेटर में प्राप्त प्रगति के आधार पर जिलों को ’स्कोर’ व ’रैंकिंग’ प्रदाय की गई है। प्रत्येक एस.डी.जी. इंडिकेटर हेतु उत्तरदायी विभागों व जिला स्तरीय अधिकारियों को मैप किया गया है, साथ ही प्रत्येक लक्ष्य से संबंधित योजनाओं को भी चिन्हांकित किया गया है। जिलों को उनके द्वारा अर्जित किये ‘‘स्कोर’’ के आधार पर- चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है- एचीवर (100 अंक), फ्रंट रनर (65-99 अंक), परफोर्मर (50-64 अंक), एस्पायरेंट (50 से कम अंक)। रिपोर्ट अनुसार वर्ष 2021 की स्थिति में 8 जिले – फ्रंट रनर (धमतरी, राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, बेमेतरा, गरियाबंद, महासमुंद व रायपुर) तथा शेष जिले- परफोर्मर श्रेणी में हैं। जिला धमतरी ने सर्वाधिक 72 अंक प्राप्त कर प्रथम रैंक हासिल किया है।

Pradesh Khabar

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!