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ग्रामीण स्वच्छता पर कॉर्पाेरेट का सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग प्रतिनिधि एवं रिसाईक्लर्स विषय पर कार्यशाला संपन्न

ग्रामीण स्वच्छता पर कॉर्पाेरेट का सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग प्रतिनिधि एवं रिसाईक्लर्स विषय पर कार्यशाला संपन्न

मल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में हुई विस्तारपूर्वक चर्चा

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रायपुर// राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ एवं वाटरएड इंडिया, छत्तीसगढ़ द्वारा ’ग्रामीण स्वच्छता पर कॉर्पाेरेट का सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग प्रतिनिधि एवं रिसाईक्लर्स’ विषय पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित की गई थी।

उद्योग प्रतिनिधियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं वर्तमान में चल रहे गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गयी। कार्यशाला में प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमति निहारिका बारीक सिंह, मिशन संचालक श्रीमती पदमिनी भोई सहित वाटरएड इंडिया एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यशाला में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निर्देशों के अनुसार 33 प्रतिशत सीएसआर निधियों का खर्च खुले में शौच मुक्त देश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। उद्योग प्रतिनिधियों को जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करने, स्वच्छता प्रदर्शनी, स्वच्छता मेला, स्वच्छता पार्क निर्माण में सहयोग करने का सुझाव दिया गया।

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कार्यशाला में स्वच्छता सामग्री के रूप में ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देना या स्थानीय संगठन के माध्यम से ग्रामीण आबादी के लिए स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने, आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण करने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रौद्योगिकी और संसाधनों के लिए सहायता प्रदान करना तथा स्वच्छता सुविधाओं और ठोस एवं तरल अपशिष्ट परिसंपत्तियों के रख-रखाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यशाला में ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल गांव बनाने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने, सामुदायिक स्वच्छता संरचनाओं के लिए व्यवसाय मॉडल में सहयोग करना जैसे सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का रख-रखाव, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र, तरल अपशिष्ट संरचनाएँ, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयाँ, गोबरधन परियोजनाएँ आदि के निर्माण में आवश्यक बजट एवं सहयोग प्रदान करने, फिकल स्लज मैनेजमेंट हेतु मल कीचड़ उपचार संयंत्रों एवं उसका रख-रखाव, तरल अपशिष्ट इकाइयों का रख-रखाव, प्लास्टिक अपशिष्ट इकाइयों का संचालन एवं परिवहन में सहयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

Ashish Sinha

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