पाक जनरल ने भारत को बताया ‘ग्लोबल साउथ का ट्रोजन हॉर्स’, सैन्यीकरण और विस्तारवाद पर लगाए आरोप

पाकिस्तान जनरल का विवादास्पद बयान: भारत को बताया ‘ग्लोबल साउथ का ट्रोजन हॉर्स’, मध्यस्थता की मांग

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना के नंबर-2 अधिकारी और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने भारत को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम ‘बैलेंसिंग रिलेशनशिप बिटवीन ग्लोबल नॉर्थ एंड ग्लोबल साउथ’ को संबोधित करते हुए, जनरल मिर्जा ने एक तरफ भारत को “नए वर्ल्ड ऑर्डर का शक्तिशाली खिलाड़ी और महात्वाकांक्षी देश” बताया, वहीं तुरंत बाद भारत की बढ़ती शक्ति पर ईर्ष्या जाहिर करते हुए इसे ग्लोबल साउथ का “संभावित ट्रोजन हॉर्स” करार दिया।

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जनरल शमशाद मिर्जा ने भारत को Global South (एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों का समूह) के लिए एक संभावित खतरा बताया।

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  • ‘साम्राज्यवादी’ और ‘विस्तारवादी’: जनरल ने भारत पर “साम्राज्यवादी (Hegemonism)” और “विस्तारवाद (Expansionism)” की नीति पर चलने का आरोप लगाया।
  • मानवाधिकार उल्लंघन: उन्होंने कहा कि भारत कट्टरवाद को बढ़ावा देता है, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों की अवहेलना करता है और मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है।
  • ट्रोजन हॉर्स: जनरल मिर्जा ने कहा, “भारत ग्लोबल साउथ का महत्वपूर्ण देश है… लेकिन यह Hegemonism और Expansionism को संजोए रखता है। यह संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और मानवाधिकारों की अवहेलना करता है। इसलिए, इसका वर्तमान दृष्टिकोण ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं का विरोधाभास है- यह इस कैंप में एक संभावित ट्रोजन हॉर्स है।”

गौरतलब है कि भारत ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता है और G-77, NAM और 2023 में G20 की अध्यक्षता जैसे मंचों के माध्यम से इन देशों की आवाज को मजबूत करता है। जनरल मिर्जा का यह बयान भारत की डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और वैक्सीन कूटनीति के माध्यम से बढ़ती शक्ति से पाकिस्तान की चिंता को दर्शाता है।

अपने संबोधन में, जनरल मिर्जा ने भारत-पाकिस्तान के मुद्दों को सुलझाने के लिए तीसरे देश की मध्यस्थता का स्वागत करने की आतुरता दिखाई।

  • जनरल मिर्जा का बयान: “हमारी मान्यता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच विवादों को सुलझाने के लिए एक मैकेनिज्म बनाने के लिए तीसरी पार्टी का होना जरूरी है, हम किसी भी देश, बहुधुव्रीय पैनल या अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा ऐसे किसी भी कोशिश का सदा स्वागत करेंगे।”

जनरल मिर्जा ने एक हास्यास्पद लॉजिक देते हुए यह भी कहा कि भारत की सेना का राजनीतीकरण हो चुका है, और इसकी राजनीति सैन्यीकृत हो गई है, जो क्षेत्रीय स्थिरता को अस्थिर करता है। यह टिप्पणी उस देश के सैन्य अधिकारी की ओर से आई है, जहाँ अब तक एक भी चुनी हुई सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है और सेना का राजनीति में सीधा हस्तक्षेप रहा है।