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प्रतिष्ठित कम्पनियों की तुलना में हम अपने किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं छह से दस गुना सस्ती जैविक खाद : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर, 22 जून 2021मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सुराजी गांव योजना के तहत गांवों के गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित की जा रही वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद उच्च जैविक विशेषताओं वाली है। इसकी गुणवत्ता देश की नामी-गिरामी कम्पनियों द्वारा उत्पादित की जाने वाली जैविक खाद से बेहतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एक प्रतिष्ठित कम्पनी जैविक खाद 64 रूपए किलो में बेच रही है, जबकि हम राज्य के किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाली जैविक खाद उनकी तुलना में 6 से 10 गुना सस्ते दर पर उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में गोधन वर्मी कम्पोस्ट मात्र 10 रूपए किलो और गोधन सुपर कम्पोस्ट 6 रूपए किलो में दे रहे हैं। सहकारी समितियों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसान भाईयों को सहकारी समितियों से दोनों जैविक खादों को कृषि ऋण आदान के रूप में भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए जा रहे गोबर से राज्य के गौठानों में वृहद पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट निर्मित की जा रही है। इसका उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूह की बहनों को रोजगार देने के साथ-साथ किसानों भाईयों को सस्ती दर पर जैविक खाद उपलब्ध कराना, राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता को कम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी किसान भाईयों से नियमित रूप से बातचीत होती रहती है। किसानों ने गौठानों में निर्मित जैविक खाद की क्वालिटी को सराहा है और यह भी बताया यह कि इसके उपयोग से कृषि उत्पाद में भी बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के लाभ के बारे में अब राज्य के किसान भाई जानने और समझने लगे हैं। वह इसका उपयोग भी खेती-किसानी में उत्साह के साथ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गौठानों मंे उत्पादित वर्मी और सुपर कम्पोस्ट, रासायनिक उर्वरक डीएपी, यूरिया का बेहतर विकल्प है। डीएपी और यूरिया की कमी को इसका उपयोग कर पूर्ति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन 2021 के लिए राज्य की डिमांड के अनुसार भारत सरकार द्वारा डीएपी और यूरिया की आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसी स्थिति में वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट का उपयोग कर इस कमी को पूरा किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में अब तक लगभग 5 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट और 2 लाख क्विंटल गोधन सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा चुका है। कुछ दिनों में लगभग 6 लाख क्विंटल जैविक खाद तैयार हो जाएगी।
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