Advertisement

आगामी मानसून 2024 में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था करने के संबंध में निर्देश जारी

आगामी मानसून 2024 में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था करने के संबंध में निर्देश जारी

कलेक्टर अग्रवाल ने सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.18.43
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.56.51
ChatGPT Image Aug 8, 2026, 10_06_26 PM

गरियाबंद// भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा आगामी मानसून 2024 को देखते हुए बाढ़, अतिवृष्टि आदि से बचने हेतु सावधानी के तौर पर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को बाढ़ आपदा आदि से बचाव की पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए है। साथ ही शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। भारत सरकार से जारी निर्देशानुसार जिला अधिकारियों की बैठक आहूत कर आपदा प्रबंधन हेतु तैयार एक्शन प्लान पर सभी तथ्यों को यथा समय दुरूस्त करने कहा गया है। साथ ही समस्त वर्षामापक केन्द्रों पर स्थापित वर्षामापक यंत्रों का उचित संधारण एवं जानकारी संकलित करने हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने कहा गया है। जिनतहसीलों में वर्षामापी यंत्र नही लगाये गये है, वहाँ वर्षामापी यंत्र तत्काल स्थापित करनेकी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दूरभाष नंबर राहत आयुक्त कार्यालय को देना सुनिश्चित करने एवं उक्त कन्ट्रोल रूम 1 जून से 24 घंटा क्रियाशील रखने एवं कन्ट्रोल रूम की जानकारी आम नागरिकों को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है।पहुंचविहीन क्षेत्रों में जहां बाढ़ की स्थिति में पहुंचना संभव नहीं होगा वहां पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री, नमक, केरोसीन, जीवन रक्षक दवाईयां आदि नियमानुसार संग्रहित करने एवंउपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया है। पेयजल की शुद्धता एवं स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए कुंओं, हैण्डपम्प आदि के लियेब्लीचिंग पावडर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए है।ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने जहां प्रतिवर्ष बाढ़ आती है, इन क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने की विशेष व्यवस्था करने एवं ऐसे क्षेत्र के लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व उनको ठहराने के लिए कैम्प आदि की सम्पूर्णयोजना तैयार करने कहा गया है। बाढ़ से बचाव संबंधी जो भी उपकरण जिलों में उपलब्ध हो उनकी दुरूस्ती आदिकराकर तुरन्त उपयोग हेतु तैयार रखने, मोटर बोट्स की जानकारी शीघ्र राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने कहा गया है। जिससे मांग आने पर बोट्स तथा प्रशिक्षित जवानों को तुरन्तरवाना किया जा सके। नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति प्रायः नाले व नालियों के अवरूद्ध हो जाने के कारण होती है अतः नगरीय निकायों द्वारा शहर के तमाम नालियों की सफाई निरंतर करने के निर्देश दिए है। शहरों के भीतर बाढ़ वाले क्षेत्रों में पोर्टेबल डायविंग पंपों की स्थापना करने के निर्देश दिए गए है। असुरक्षित पेड़ों की छटाई और सूचना पट्ट होर्डिग हटाने या सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए है।
जिले के नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने और जलस्तर के खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना होने पर इसकी पूर्व सूचना राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम तथा निचले जिलों को लगातार देने की व्यवस्था करने तथा तत्काल सुरक्षा उपाय करने की व्यवस्था भी करने कहा गया है। जलाशयों से जल छोड़ने पर विशेष ध्यान रखने तथा जलाशयों में नियमित रूप से निकासी के प्रयास करने ताकि बाढ़ की स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके तथा बांधों का जलस्तर बढ़ने पर जल निकासी हेतु निचले जिलों एवं सीमावर्ती राज्यों को 12 घण्टे पूर्व सूचना देने के निर्देश दिए है। जल संशाधन विभाग को सुस्पष्ट जिमेदारी प्रत्येक जलाश्य के संबंध में देने के निर्देश दिए गए है। बाढ़ से बचाव, बचाव और राहत गतिविधियों में शामिल प्रथम उत्तरदाताओं और कर्मचारियों को पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनने चाहिए इसलिए, राज्य सरकारों को आपदा प्रबंधन उद्देश्यों के लिए आवश्यक उपकरणों का आंकलन करने के निर्देश दिए है। चक्रवात बाढ़ आश्रयों की क्षमता को फिर से संगठित करने की आवश्यकता है और लोगों को समायोजित करने के लिए अतिरिक्त आश्रयों और राहत शिविरों की पहचान करने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा, चक्रवात/ बाढ़ आश्रय या राहत शिविरों में बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए अतिरिक्त शौचालयों के साथ-साथ अन्य आश्रयों और स्वच्छता व्यवस्था को भी मौजूदा आश्रयों में बनाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
राहत शिविरों में नियमित चिकित्सा जांच की आवश्यकता होती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विशेष (बुखार, उल्टी-दस्त, मलेरिया आदि) लक्षणोंवाले लोगों को अलग-थलग किया जा सके और उनका उपचार किया जासके। ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। आश्रयों/राहत शिविरों केनियमित कीटाणु शोधन (सेनेटाइजेशन) और स्वच्छता के लिए अतिरिक्त व्यवस्थासुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। बाढ़ से हुई क्षति की जानकारी नियमित रूप से राहत आयुक्त कार्यालय के दूरभाष क्रमांक (0771) 2223471, फैक्स 2223472 पर निर्धारित प्रारूप में प्रतिदिन देने। साथ ही एनडएमआईएस पोर्टल में भी प्रतिदिन इंद्राज करने के निर्देश दिए गए है। बाढ़ व बचाव संबंधी जानकारी/सूचना हेतु फैक्स व फोन के अतिरिक्त आवश्यकतानुसार विभाग केई-मेल में भी भेजने के निर्देश दिए है। जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण अधिकारी की नियुक्ति करने तथा जिले में होने वाले वर्षा की जानकारी तहसीलवार राहत आयुक्त कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 0771-2223471 एवं फैक्स क्रमांक 2223472 तथा वेबसाइट पर प्रतिदिन पूर्वान्ह09.00 बजे तक निर्धारित प्रपत्र-2 में आवश्यक रूप से देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।बाढ़ की स्थिति में यदि सेना की मदद की आवश्यकता प्रतिपादित हो तो इसकी सूचनासचिव राजस्व/ राहत आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से दूरभाष / मोबाईल पर भी देने के निर्देश दिए है। इसके राहत कार्यों हेतु राहत मैन्युअल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM