कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए पोट्ठ लईका अभियान में सभी दें अपना योगदान – कलेक्टर

कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए पोट्ठ लईका अभियान में सभी दें अपना योगदान – कलेक्टर

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राजनांदगांव// कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करते हुए पोट्ठ लईका अभियान की पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए जनसहभागिता तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से सघन अभियान चलाकर यह कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत बच्चों को गोद लेकर उन्हें सुपोषण की श्रेणी में लाने के कार्य में सभी अधिकारी अपना योगदान देंगे। बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही किशोरी बालिकाएं कमजोर न हो, इसके लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उनके हिमोग्लोबीन एवं अन्य परीक्षण तथा आयरन, मल्टीविटामिन, जिंक एवं अन्य दवाईयां समय पर देने की आवश्यकता है। बालिकाएं स्वस्थ रहेंगी तो उनका भविष्य अच्छा रहेगा। कलेक्टर ने कहा कि एक महीने से अधिक बिना अनुमति से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाना है, इसके लिए सभी विभाग ध्यान देते हुए जानकारी भेजें। साथ ही संविदा सेवा वृद्धि के लिए भी जानकारी भेंजे। कलेक्टर ने कहा कि जिले में जल का स्तर नीचे चला गया है, जिससे आने वाले समय में पानी के लिए दिक्कत हो सकती है। इसके लिए हरसंभव प्रयास करना है। उद्योगों द्वारा पानी का दोहन किया जाता है। उन्हें इससे दोगुना वाटर रिचार्ज करने के लिए जलीय संरचना बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि उद्योग तालाब बनवाएं तथा व्यापक पैमाने पर पौधरोपण करवाएं। जल के उपयोग के लिए यह जरूरी है कि सरफेस वाटर का उपयोग किया जाएं। जल संरक्षण के लिए 4-5 गांवों का कलस्टर बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उक्त बातें कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कही।
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि राजस्व शिविर की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्व की टीम हर हल्के की मानिटरिंग करें और संयुक्त खाता का परीक्षण करें। फौती, नामांतरण जैसे कार्य रूकना नहीं चाहिए। परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद परिवार के अन्य सदस्यों का नाम दस्तावेजों में होना चाहिए। जहां खाता विभाजन की स्थिति हो वहां प्राथमिकता से समस्या का निराकरण करें। इससे किसानों को खेती-किसानी और धान बिक्री में सुविधा होती है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, सुपोषण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सभी अधिकारी संयुक्त रूप से समन्वित तरीके से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए अच्छा कार्य किया जा रहा है। वहीं अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरूद्ध अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने घुमंतू पशु के लिए कांजीहाऊस का निर्माण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ऐसे स्थानों का चिन्हांकन करें, जहां रोड की संरचना में कमी के कारण सड़क दुर्घटना हो रही है और वहां आवश्यक परिवर्तन करते हुए ब्रेकर जैसी संरचनाएं बनाएं, ताकि दुर्घटना नहीं हो। ऐसे सड़क जहां बड़ी सड़क के साथ छोटी सड़क जुड़ रही हो, वहां रम्बल स्ट्रीप बनाएं, ताकि वाहन की गति कम हो जाए और दुर्घटना नहीं हो। कलेक्टर ने एजुकेशन हब की प्रगति के संबंध में जानकारी ली तथा इस दिशा में शीघ्र कोचिंग प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंंने कहा कि किसानों के लिए आधार सिडिंग एवं लैंड सिडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य आबाधित रूप से होने चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग को बैंकर्स से समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होना चाहिए। धान के साथ ही कोदो, रागी, अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन जैसे बीज उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक महत्व के निर्माण कार्यों के दौरान भू-अर्जन का कार्य महत्वपूर्ण है, इसके लिए समीक्षा करें तथा मुआवजा का कार्य पूरा होने पर रिकार्ड अपडेट करें। उद्यानिकी विभाग बच्चों के सुपोषण को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बाड़ी बनवाएं, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। मुनगा एवं पपीता के पौधे वितरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन प्रताप सिंह तोमर, निगम आयुक्त अभिषेक गुप्ता, उप जिला निर्वाचन अधिकारी खेमलाल वर्मा, एसडीएम राजनांदगांव अरूण विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।