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कलेक्टर ने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की

कलेक्टर ने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की

– विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के बारे में जानने के लिए बनाएं जिज्ञासु – कलेक्टर

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राजनांदगांव // कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शिक्षकों पर भावी पीड़ी तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी को शिक्षक बखूबी निभाएं। विद्यार्थी को किसी विषय के बारे में जानने के लिए जिज्ञासु बनाएं, इसके लिए उनके विहिवेयर चेंज के लिए एक अच्छा महौल तैयार करें। इससे बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और विद्यालय आने के लिए उत्साहित रहेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह, परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, बीईओ, बीआरसी, संकुल समन्वयक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक विद्यालय में सकारात्मक वातावरण बनाएं और बच्चों में सकारात्मक नजरिया अपनाने के लिए प्रेरित भी करें। बच्चे विद्यालय में काफी समय रहते हैं और इस बीच उन्हें अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बच्चों में अनुशासन लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय के पाबंद रहें और बच्चों में भी समय पर विद्यालय पहुंचने और टाईम मैनेजमेंट करना सीखाएं। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में भू-जल का अधिक दोहन हो रहा है, जिसके फलस्वरूप भू-जल स्तर नीचे गिरा है। भू-जल स्तर को बढ़ावा देने तथा बच्चों में जल संरक्षण और जल संचय की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा दें। इसके अलावा छात्रों को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के बारे में बताएं और उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित भी करें। शालेय परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छता के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में भी समझाईश दें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में निर्धारित पाठ्यक्रमों के अध्यापन के अलावा पाठ्येत्तर गतिविधियां भी कराएं। सप्ताह में शनिवार के दिन बच्चों के लिए पाठ्येत्तर गतिविधियां कराई जा सकती हंै। उनमें वाक् क्षमता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कक्षा 11वीं एवं कक्षा 12वीं के विद्यार्थी इस कार्य को बेहतर ढंग से कर सकते हैं, इसके लिए बच्चों को तैयार करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए असाक्षरों का चिन्हांकन करने के बाद उन्हें पढ़ाने के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करना होगा। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविविधयों की समीक्षा की। इसके तहत उन्होंने पीएमश्री स्कूल योजना, आरटीई, स्कूल जतन योजना, छात्रवृत्ति योजना, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, बोर्ड परीक्षा परिणाम, सायकल वितरण, शालेय गणवेश वितरण, पाठ्यपुस्तक वितरण सहित अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

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