जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा रोका गया बाल विवाह

जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा रोका गया बाल विवाह

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

गोपाल सिंह विद्रोही //प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़ //सूरजपुर – कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर बाल विवाह रोकने के लिए कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में आज जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमेश साहू के द्वारा 16 वर्षीय बालिका का विवाह रोका गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बताया कि टोल फ्री नं0 1098 में सूचना प्राप्त हुई कि एक नाबालिग बालिका का विवाह प्रेमनगर के दुरस्त ग्राम महेशपुर में सम्पन्न होने जा रहा है। सूचना प्राप्त होने पर क्षेत्र की पर्यवेक्षक एवं आ.बा. कार्यकर्ता को मौके पर भेजे जाने पर परिजन द्वारा बताया गया कि बालिका का उम्र विवाह के लायक हो गया है परंतु दस्तावेज मांगे जाने पर उन्होेंने कहा कि उसकी पढ़ाई कोरबा जिले में हुई है इसलिए दस्तावेज उपलब्ध नही है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी को इसकी जानकारी होने पर कॉलर (सूचनाकर्ता) से जानकारी लेकर कोरबा के संबंधित स्कूल से जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला बालिका इस वर्ष दसवीं की परीक्षा दी है और बालिका का उम्र 15 वर्ष 10 माह है।
अतः जिला बाल संरक्षण अधिकारी जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम महेशपुर पहुंच कर कार्यवाही करते हुए बाल विवाह को रोका और परिवारजनों को समझाइश दी कि लडकी का उम्र विवाह के लायक नहीं हुआ है। कम उम्र में विवाह करने पर लडकी को कई तरह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी हो सकती है। साथ ही यदि जबरन विवाह किया तो सभी को दो वर्ष के कारावास की सजा एवं एक लाख जुर्माने हो सकता है।
मौके पर पंचनामा शपथ पत्र एवं उसके पिता का कथन लिया गया।
बाल विवाह रोकने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल जिला बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर जैनेन्द्र दुबे, पर्यवेक्षक गंगा भारद्वाज, सरपंच श्रीमती हिरोंदिया बाई, चाईल्ड लाईन से समन्वयक कार्तिक मजुमदार, टीम मेम्बर रमेश साहू, श्रीमती नन्दनी खटीक, तुफान सिंह आरक्षक, सुभान अंसारी नगर सैनिक उपस्थित थे।