गौठानों में मल्टी एक्टिविटी सेंटर में शेड निर्माण, चारागाह निर्माण, देवगुड़ी और घोटुल निर्माण सहित हाट बाजार क्लिनिक के लिए वाहन की व्यवस्था में होगा डीएमएफ मद का उपयोग ।

रायपुर : ​​​​​​​गौठानों में मल्टी एक्टिविटी सेंटर में शेड निर्माण, चारागाह निर्माण, देवगुड़ी और घोटुल निर्माण सहित हाट बाजार क्लिनिक के लिए वाहन की व्यवस्था में होगा डीएमएफ मद का उपयोग

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा

रेत से प्राप्त रायल्टी का वितरण संबंधित ग्राम पंचायतों को जल्द करने के निर्देश: ग्राम पंचायतों को 19.20 करोड़ से अधिक राशि होगी वितरित

अनुपयोगी खदानों में जमा पानी का सिंचाई के लिए किया जाए उपयोग

डायमंड, गोल्ड, सिल्वर, कॉपर जैसे बहुमूल्य खनिजों के नये क्षेत्रों की खोज में तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त कम्पनियों का लिया जाएगा सहयोग: मुख्यमंत्री ने दी सहमति

वर्ष 2020-21 में राज्य को मिला 5517 करोड़ रूपए का खनिज राजस्व: वर्ष 2021-22 में 7800 करोड़ रूपए का लक्ष्य

डीएमएफ पोर्टल से कार्यों की स्वीकृति, राशि का वितरण और भुगतान के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर

डीएमएफ कार्यों की स्वीकृति और इस मद में व्यय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का देश में दूसरा स्थान

रायपुर, 28 जून 2021मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में स्थापित किए गए गौठानों की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में डीएमएफ फंड की राशि का उपयोग किया जाए। चारागाह के विकास, गौठानों में मल्टी एक्टिविटी सेंटरों के लिए शेड निर्माण सहित बस्तर अंचल में देवगुड़ी और घोटुल निर्माण के कार्य भी इस मद से किए जाएं। उन्होंने कहा कि गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां शेड बनने से स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के संचालन में आसानी होगी। श्री बघेल ने कहा कि ग्रामीण अंचलों के अंदरूनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना काफी प्रभावी सिद्ध हो रही है। इस योजना के लिए वाहनों की व्यवस्था करने में भी इस मद का उपयोग किया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा हाल ही में जिलों में की गई विभिन्न घोषणाओं पर अमल के लिए डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश में अनुपयोगी खदानों में जहां पानी इकट्ठा है, वहां पंप लगाकर किसानों को सिंचाई की सुविधा दी जाए। गौण खनिज रेत से प्राप्त रायल्टी का वितरण संबंधित ग्राम पंचायतों को जल्द किया जाए। ज्ञातव्य है कि पंचायतों को रेत से प्राप्त रायल्टी पर 25 प्रतिशत अधिक रायल्टी देने का प्रावधान है। मार्च 2020 की स्थिति में प्रावधान के अनुसार ग्राम पंचायतों को 19 करोड़ 20 लाख 94 हजार रूपए के वितरण की कार्यवाही विभाग द्वारा की जा रही है।

समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2020-21 में राज्य को 5517 करोड़ रूपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2021-22 में लगभग 7800 करोड़ रूपए के खनिज राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य तय किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में मई 2021 तक की स्थिति में कुल 1217 करोड़ 82 लाख रूपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2021-22 में 18 खनिज ब्लॉक्स नीलामी हेतु प्रस्तावित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इन खनिज ब्लॉक्स के लिए सभी तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इन खनिज ब्लॉक्स की नीलामी से 6 माह में लगभग 200 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त होगी और इन ब्लॉक्स में खनन प्रारंभ होने से प्रतिवर्ष लगभग 1998 करोड़ रूपए का राजस्व प्रदेश को मिलेगा। इन खनिज ब्लॉक्स में 10 लौह अयस्क के और 8 चूना पत्थर के ब्लॉक्स शामिल है।

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मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश में बहुमूल्य खनिजों डायमंड, गोल्ड, सिल्वर, कॉपर, टंगस्टन, बेसमेटल, निकिल, पीजीई मिनरल्स, बाक्साईड और लौह अयस्क के नये खनिज क्षेत्रों का अन्वेषण तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त कम्पनियों केे सहयोग से करने के प्रस्ताव को बैठक में सहमति प्रदान की। जिला खनिज संस्थान न्यास की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि डीएमएफ से कार्यो की स्वीकृति और इस मद से व्यय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का देश में दूसरा स्थान है। राज्य में डीएमएफ निधि की 68 प्रतिशत राशि का व्यय किया गया है, जो पूरे देश में अधिकतम है। इसी तरह डीएमएफ पोर्टल के माध्यम से कार्यो की स्वीकृति, राशि का वितरण और भुगतान करने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2020-21 में डीएमएफ मद में 1464 करोड़ 53 लाख रूपए की राशि प्राप्त हुई है। इस वित्तीय वर्ष में माह मई तक 251 करोड़ रूपए की राशि मिली है। डीएमएफ से 7 हजार 9 करोड़ रूपए की लागत के 51 हजार 951 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यो में अब तक 4766 करोड़ रूपए की राशि खर्च की गई है।

बैठक में खनिज ऑनलाईन 2.0 परियोजना के संबंध में जानकारी दी गई कि इस परियोजना में खनिजों के अवैध परिवहन और डायवर्सन पर नियंत्रण के लिए मिनरल्स व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। साथ ही प्रशासकीय नियंत्रण के लिए इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इसके माध्यम से खनिज पट्टाधारकों की सहूलियत के लिए मोबाइल एप और डेस्कटॉप बेस्ट एप्लीकेशन तैयार किया जा रहा है।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि राज्य में ई नीलामी के माध्यम से गौण खनिजों निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाईट, क्वार्ट्ज, साधारण पत्थर, फर्शी पत्थर, ईट-मिट्टी, ग्रेनाईट कीे 293 खदानों की नीलामी की गई है, जिनमें 192 खदानंे संचालित हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि नवीन रेत नीति के बाद प्रदेश में 362 रेत खदानों की नीलामी की गई, जिनमें से 256 खदानें संचालित है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में रेत की रायल्टी से 17 करोड़ 77 लाख रूपए, नीलामी राशि के रूप में 17 करोड़ 76 लाख रूपए, डीएमएफ में एक करोड़ 76 लाख रूपए तथा रेत ब्लॉक नीलामी हेतु प्राप्त आवेदनों से आवेदन शुल्क के रूप में 21 करोड़ 54 लाख रूपए की राशि प्राप्त हुई है। बैठक में बताया गया कि गौण खनिजों के खदानों में स्टार रेटिंग प्रणाली लागू की गई है। खदानों को व्यवस्थित और वैज्ञानिक माइनिंग, पर्यावरण सुरक्षा, खनिजों के संरक्षण, खान सुरक्षा के उपायों के पालन आदि मापदण्डों पर स्टार रेटिंग दी जाती है। चयनित 5 स्टार खदान के पट्टेधारियों को मुख्यमंत्री श्री बघेल प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेंगे।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, खनिज साधन विभाग के सचिव अंबलगन पी, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, खनिज साधन विभाग के संचालक जय प्रकाश मौर्य उपस्थित थे।

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