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‘मल्टी-ब्रांड रिटेलिंग’ नीति में कोई बदलाव नहीं होगा: पीयूष गोयल

‘मल्टी-ब्रांड रिटेलिंग’ नीति में कोई बदलाव नहीं होगा: पीयूष गोयल

वाशिंगटन// केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में “मल्टी-ब्रांड रिटेलिंग” के प्रवेश की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि इससे अमेरिका में “मॉम-एंड-पॉप स्टोर्स” खत्म हो जाएंगे।

‘मल्टी-ब्रांड स्टोर’ एक रिटेल आउटलेट है जहां कई ब्रांडों के सामान एक भौतिक या ऑनलाइन स्थान पर उपलब्ध हैं। वहीं, स्वतंत्र या पारिवारिक स्वामित्व वाली छोटी दुकानों को “मॉम-एंड-पॉप स्टोर्स” कहा जाता है।

मंत्री ने कहा कि भारत को तेज विकास की ओर ले जाने के लिए देश सभी आवश्यक आर्थिक सुधारों को करने को भी तैयार है।

गोयल ने यहां शोध संस्थान ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ से एक सवाल के जवाब में कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम इनमें से किसी (नीति) पर फिर से विचार कर सकते हैं या सरकार के पास मंत्रिमंडल की मंजूरी के जरिये अधिक प्रतिशत (विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी हिस्सेदारी) की अनुमति देने का अधिकार है। हम संसद के माध्यम से भी इसमें बदलाव कर सकते हैं। मैं इनमें से किसी को भी संसदीय परिवर्तन की आवश्यकता नहीं समझता।‘’

उनका कहना था कि “महत्वपूर्ण क्षेत्र जहां कभी-कभी और विशेष रूप से अमेरिका जैसे देशों में… मैं जो देखता हूं वह हैं “मल्टी-ब्रांड रिटेल।” यह बिल्कुल भी अनुचित है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हमारी नीति में “मल्टी-ब्रांड रिटेल” पर कोई बदलाव नहीं होगा। अमेरिका को बड़ी प्रौद्योगिकी और बड़े रिटेल के बुरे परिणाम भुगतने पड़े हैं, और इन दोनों के एक-दूसरे पर नकारात्मक प्रभाव के कारण देश भर में छोटे दुकान लगभग समाप्त हो गए हैं।‘’

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गोयल ने कहा कि अमेरिका ऐसा कर सकता है क्योंकि उसकी जनसंख्या भारत की तुलना में बहुत कम है और वैकल्पिक रोजगार के अवसर हैं।

उन्होंने कहा, “शायद आप इस बात से संतुष्ट हैं कि बाकी युवा अब सिर्फ बिक्री करने वाले लड़के या “डिलीवरी” करने वाली लड़कियां बनकर रह गए हैं।” यह हर देश का निर्णय है।‘’

मंत्री ने कहा, ‘‘भारत में पूरे देश में करीब 100 अरब छोटी-छोटी दुकानें हैं। जिस भी गांव में आप जाएंगे, वहां दस या बारह छोटी दुकानें होंगी जो विभिन्न उत्पाद बेचती होंगी। 10 या 12 छोटी दुकानें अलग-अलग सेवाएं देंगी। देश के लगभग हर कोने में एक चिकित्सा स्टोर होगा।‘’

“हमारा मानना है कि वे सभी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,” उन्होंने कहा। हम चाहते हैं कि वे तकनीक से जुड़े हों। हमें खुशी होगी यदि उन्हें ई-कॉमर्स कंपनियों की व्यावसायिक प्रथाओं का सामना करने का मौका मिलता है या वे एकीकृत हो जाते हैं। ई-कॉमर्स नियमों को बदलने का विचार फिलहाल नहीं है। इसके अलावा, कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां कोई प्रतिबंध है।‘’

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भारत को रक्षा क्षेत्र में भी पूरी तरह से विदेशी निवेश की अनुमति है।

“अंतरिक्ष को विदेशी स्वामित्व के लिए खोल दिया गया है,” उन्होंने कहा। रोक-टोक के बिना धन को बाहर ले जाना बहुत आसान है, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए एक प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है कि कोई धन शोधन नहीं होता या कि धन भारत से बाहर जाते समय कर-वापसी के रूप में वापस नहीं आता। इसके लिए कुछ बचाव उपाय हैं।‘’

मंत्री ने कहा कि सरकारी नीति के कारण वे भारत में निवेश नहीं कर रहे हैं।

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