उत्तराखंड में सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिया इस्तीफा

उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजा इस्तीफा, गवर्नर से मांगा मिलने का वक्त

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जानिए कौन बन सकता है उत्तराखंड का सीएम नंबर दस, ये नाम हैं दौड़ में शामिल

उत्तराखंड में चल रहे सियासी संकट के बीच जानिए कौन ले सकता है उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत की जगह? ये नाम हैं मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे.

Uttrakhand CM News: तीरथ सिंह रावत के बाद कौन बनेगा उत्‍तराखंड का अगला CM? इन 4 नेताओं के नाम चल रहे सबसे आगे

Uttarakhand Political Crisis: उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब मुख्यमंत्री पद की दौड़ में धन सिंह रावत, अनिल बलूनी, पुष्कर धामी, और सतपाल महाराज के नाम दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं.

देहरादून. उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद उत्पन्न हुए सियासी संकट (Uttarakhand Crisis) के बीच अब नए सिरे से मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो गई है. बीजेपी पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में भाजपा विधायक दल की बैठक शनिवार को हो सकती है, जिसमें नए नेता का चयन होगा. माना जा रहा है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बतौर पर्यवेक्षक देहरादून जा सकते हैं. उनकी देखरेख में ही मार्च में हुई बैठक में तीरथ सिंह रावत को विधायक दल का नेता चुना गया था. तीन महीने बाद ही राज्य में फिर से सियासी संकट खड़ा हो गया है और नए सिरे से मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो गई है. सतपाल महाराज, बंशीदार भगत, हरक सिंह रावत और धन सिंह रावत जैसे मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के नाम नए सीएम के रूप में नियुक्त होने के लिए चर्चा में हैं.

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नए सीएम बनने की रेस में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का नाम सबसे आगे चल रहा है. धन सिंह रावत लंबे समय तक आरएसएस से जुड़े रहे हैं. राम मंदिर अभियान से लेकर उत्तराखंड राज्य के निर्माण के अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले चुके हैं. उत्तराखंड के गठन के आंदोलन के दौरान उन्हें दो बार जेल भी जाना पड़ा था.

वहीं सतपाल महाराज एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने के दावेदार के रूप में सामने आए हैं. लेकिन उनकी कांग्रेसी पृष्ठभूमि कई बार उनकी राह का रोड़ा बन चुकी है. हाल ही में असम में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हेमंत बिस्वा सरमा के हाथों में राज्य की कमान सौंपी गई. इसके बाद सतपाल महाराज के लिए अपनी दावेदारी पेश करना आसान हो गया है. राज्यसभा सासंद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी भी सीएम पद की रेस में शामिल हैं. वो आलाकमान के करीबी भी हैं जिसका फायदा उन्हें उसी तरह मिल सकता है.

नए सीएम के चुनाव में पहाड़ी बनाम मैदानी का समीकरण बिठाना होगा

विधान सभा क्षेत्र खटीमा से विधायक पुष्कर सिंह धामी भी सीएम पद की रेस में शामिल हैं. उनका नाम पहली बार सीएम पद की रेस में शामिल हुआ है. हालांकि पहाड़ी बनाम मैदानी का समीकरण एक बार फिर मुख्यमंत्री के चुनाव में अहम फार्मूला साबित होगा. किसी भी स्थिति में पहाड़ी ही राज्य का कमान संभालेगा. इसके साथ ही कुमाऊं क्षेत्र के बिशन चौपाल भी एक आश्चर्यजनक विकल्प हो सकते हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक गढ़वाल क्षेत्र से हैं.

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