बेटी को नर्स बनाने के सपने में महतारी वंदन की राशि बनी मेरी पूंजी – श्रीमती भागीरथी

बेटी के पढ़ाई के खर्चों को पूरा करने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को बैंक में कर रही जमा

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अम्बिकापुर/ जिले के ग्राम आमादरहा की श्रीमती भागीरथी राजवाड़े अपनी मेहनत और संकल्प से न केवल अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपनी बेटी के उज्जवल भविष्य के लिए भी सपना संजोए हुए हैं। उनका कहना है कि उनका सबसे बड़ा सपना है कि उनकी बेटी एन एम (नर्स) बने, और इसके लिए वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता का सही उपयोग कर रही हैं। उनका कहना है राशि भले ही छोटी हो, पर जमा करते जा रही हूं, तो ज़रूरत के समय मदद हो रही है।

श्रीमती भागीरथी ने बताया कि बतौर मितानिन उनका काम गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना है। इस कार्य में उन्हें गाँव-गाँव जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देना और जरूरतमंदों की सहायता करना होता है। वे हमेशा अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाती हैं। उनके पति खेती-किसानी का कार्य करते हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है।
उनके दो बच्चे हैं, एक लड़का और एक लड़की, उनकी बेटी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है और उनका सपना है कि वह आगे बढ़कर एक नर्स बने, ताकि वह समाज में अच्छा योगदान दे सके। उनका बेटा अभी पहले साल में पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के पढ़ाई के खर्चों को पूरा करने के लिए वे महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि को बैंक में जमा कर रही हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक अहम कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत हर माह महिलाओं के खाते में एक हजार रुपये की राशि दी जाती है। जिसे श्रीमती भागीरथी अपनी बेटी के पढ़ाई के लिए जमा कर रही हैं ताकि उनकी बेटी का भविष्य संवर सके। वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस योजना के लिए तहे दिल से धन्यवाद देती हैं और कहती हैं कि इस योजना ने महिलाओं को एक नई दिशा और आर्थिक सहारा दिया है। महतारी वंदन योजना ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए एक मौका दिया है और कई महिलाएं अब अपने सपनों को साकार करने के लिए कदम उठा रही हैं।