सरगुजा

चंदन के लिए पीएम आवास सिर्फ ईंट सीमेंट से बना मकान नहीं, उनके पिता की यादों की निशानी

सफलता की कहानी

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

चंदन के लिए पीएम आवास सिर्फ ईंट सीमेंट से बना मकान नहीं, उनके पिता की यादों की निशानी है

हितग्राही देवनाथ स्वयं तो ज्यादा समय अपने पीएम आवास में ना रह सके, पर निधन के बाद उनका पूरा परिवार इस घर में उनके आशीर्वाद के साथ रह रहा

अम्बिकापुर/ एक घर किसी इंसान के जीवन में क्या मायने रखता है, यह तो कोई बताने वाली बात ही नहीं है, पर उस घर की अहमियत तब और बढ़ जाती है, जब उससे भावनात्मक लगाव हो जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना ने कई जरूरतमंदों को उनके सर पर छत दी है, पर चंदन के लिए पीएम आवास सिर्फ ईंट सीमेंट से बना मकान नहीं है, उनके पिता का आशीर्वाद और प्यार है, जो उनके पूरे परिवार पर मजबूती से बना हुआ है। लखनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खुटिया निवासी स्व. देवनाथ राम का भी सपना अपने परिवार के साथ सपनों के आशियाने में रहने का था। उनके नाम वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत हुआ, जिसमें 1.20 लाख रुपए की सहायता उन्हें शासन से प्राप्त हुई।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

देवनाथ के पुत्र चंदन सिंह बताते हैं कि हमारा पुराना घर कच्ची दीवारों, कच्ची छत वाला था। जिसमें हमेशा कुछ न कुछ समस्या बनी रहती थी। साफ-सफाई की ज्यादा आवश्यकता पड़ती थी, बारिश में घर में नमी बढ़ जाने से बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते थे। नया पक्का मकान बनाने के लिये उनके पास राशि का अभाव था। इस वातावरण में रहते हुए पिताजी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी, परन्तु जैसे ही उन्हें पीएम आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाने के लिए शासन द्वारा मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत आवेदन किया और राशि भी स्वीकृत हुई। हालांकि घर बन जाने के कुछ समय बाद ही पिताजी का देहांत हो गया। पिताजी का सपना पूरे परिवार के साथ इस सपनों के आशियाने में रहने का था। वे तो नहीं रहे, परन्तु शासन की मदद से उन्होंने पक्के मकान के रूप में अपना आशीर्वाद हमें दिया। आज परिवार इस पक्के सुविधा युक्त मकान में पिताजी के यादों के साथ निवास कर रहा है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को आज सुंदर, स्वच्छ, पक्के आवास में रहने की सुविधा मिल रही है।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!