न्यायालय के समक्ष उत्तर देने या दस्तावेज प्रस्तुत करने से इनकार करने वाले व्यक्ति को कारावास या दण्डित की कार्रवाई की जा सकेगी।

न्यायालय के समक्ष उत्तर देने या दस्तावेज प्रस्तुत करने से इनकार करने वाले व्यक्ति को कारावास या दण्डित की कार्रवाई की जा सकेगी।

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यदि कोई साक्षी या व्यक्ति, जिसे दंड न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज या चीज पेश करने के लिए बुलाया गया है, उससे पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देने से या उसके कब्जे या शक्ति में कोई दस्तावेज या चीज पेश करने से, जिसे पेश करने की न्यायालय उससे अपेक्षा करे, इनकार कर दे और ऐसा करने के लिए उसे उचित अवसर दिए जाने के पश्चात् ऐसे इनकार के लिए कोई उचित बहाना प्रस्तुत न करे, तो ऐसा न्यायालय, कारणों को लेखबद्ध करके, उसे साधारण कारावास का दंड दे सकेगा या पीठासीन मजिस्ट्रेट या न्यायाधीश के हस्ताक्षर सहित वारंट द्वारा उसे सात दिन से अनधिक अवधि के लिए न्यायालय के किसी अधिकारी की अभिरक्षा में सौंप सकेगा, जब तक कि इस बीच ऐसा व्यक्ति परीक्षा किए जाने और उत्तर देने या दस्तावेज या चीज पेश करने के लिए सहमति न दे दे और उसके इनकार पर अड़े रहने की स्थिति में, उसके साथ धारा 384 या धारा 385 के उपबंधों के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।