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सफलता की कहानी: गंगरेल बांध मोह लेती है पर्यटकों का मन

सफलता की कहानी: गंगरेल बांध मोह लेती है पर्यटकों का मन

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धमतरी / छत्तीसगढ़ राज्य के बड़े बांधों में से धमतरी जिले के गंगरेल में महानदी पर बने रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध की खूबसूरती सभी को लुभाती है। इसी वजह से लाखों लोग यहां आते हैं। महानदी अत्यंत विशाल नदी है, जिसका उद्गम धमतरी जिले के सिहावा पर्वत से होता है और यह नदी अपने उद्गम के बाद उत्तर-पूर्व दिशा में प्रवाहित होती है। इस नदी पर बड़े-बड़े बांधों का निर्माण किया गया है, जिनमें से प्रमुख हैं रुद्री बांध, गंगरेल या रविशंकर बांध और उड़ीसा में निर्मित हीराकुंड बांध छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध गंगरेल या रविशंकर बांध इसी नदी पर निर्मित है।
यहां दर्शनीय स्थल मां अंगारमोती मंदिर के अलावा बोटिंग, मिनी गोवा, रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित गार्डन पर्यटकों का मन अपनी ओर मोह लेती है। गंगरेल डैम पर खूबसूरत हट बने हुए हैं, जाहं से बांध के पास रहने और 24 घंटे उसे निहारने का आनंद भी उठाया जा सकता है। ग्राम छाती की डिगेश्वरी साहू बताती हैं कि वे अपने परिवार के साथ गंगरेल घूमने आती रहतीं हैं। यहां का शांत वातावरण, अंगारमोती का दर्शन कर उन्हें काफी अच्छा लगता है। इसके साथ ही बोटिंग, आकर्षक गार्डन और नदी को देख मन प्रफुल्लित होने लगता है। वहीं महासमुंद जिले से गंगरेल पहुंची कुमारी मोना साहू और उनके साथियों ने गंगरेल के मनोरम वातावरण, बोटिंग, विशाल नदी और अंगारमोती मां के मंदिर की काफी प्रशंसा की। ं

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