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महासमुंद के पैरा एथलीट्स का वर्ल्ड चैंपियनशिप में परचम, सुखदेव केंवट ने जीता सिल्वर मेडल”

महासमुंद के पैरा एथलीट्स का वर्ल्ड चैंपियनशिप में परचम, सुखदेव केंवट ने जीता सिल्वर मेडल”

छत्तीसगढ़ का महासमुंद जिला खेल प्रतिभाओं के लिए हमेशा से उपजाऊ भूमि रहा है। यहाँ के युवा खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण से खेल जगत में नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। हाल ही में महासमुंद जिले के तीन प्रतिभाशाली पैरा एथलीट्स ने दुबई में आयोजित पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप ग्रांट फिक्स 2025 में शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। इनमें सुखदेव केंवट ने 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, जबकि निखिल यादव और लक्की यादव ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया।

महासमुंद के तीन पैरा एथलीट्स की उपलब्धियाँ

सुखदेव केंवट – महासमुंद का चमकता सितारा

सुखदेव केंवट, जो फॉर्च्यून नेत्रहीन हायर सेकेंडरी स्कूल, करमापटपर बागबाहरा खुर्द के छात्र हैं, ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष से साबित कर दिया कि मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने दुबई में आयोजित पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह जीत केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।

इसके अलावा, सुखदेव ने 23वें नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 (चेन्नई) में भी अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा। उन्होंने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 1500 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल और 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर अपने खेल कौशल का लोहा मनवाया।

निखिल यादव – भविष्य का होनहार खिलाड़ी

निखिल यादव ने पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में 1500 मीटर दौड़ में 7वाँ स्थान और 500 मीटर दौड़ में 6वाँ स्थान प्राप्त किया। भले ही वे पदक नहीं जीत सके, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की। निखिल की यह उपलब्धि भविष्य के लिए बड़े संकेत देती है कि यदि उन्हें और बेहतर संसाधन तथा प्रशिक्षण मिले, तो वे आने वाले वर्षों में देश के लिए कई पदक जीत सकते हैं।

लक्की यादव – युवा एथलीट का शानदार प्रदर्शन

लक्की यादव, जो टी-11 कैटेगरी (बालक वर्ग) के प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, ने भी दुबई में आयोजित प्रतियोगिता में 1500 मीटर दौड़ में 8वाँ स्थान और 400 मीटर दौड़ में 6वाँ स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

खिलाड़ियों का सम्मान और भविष्य की संभावनाएँ

महासमुंद जिले के इन खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व सफलता पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें सम्मानित किया। जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंहगे, जिला सीईओ श्री एस. आलोक, और उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने इन खिलाड़ियों को उनकी सफलता पर बधाई दी और उन्हें हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

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इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष श्री निरंजन साहू, प्राचार्य रश्मि साहू एवं वार्डन लक्ष्मीप्रिया साहू भी उपस्थित रहे। इन सभी ने खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष की सराहना की और उन्हें आगे भी बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।

पैरा एथलेटिक्स में महासमुंद का योगदान

महासमुंद जिला छत्तीसगढ़ में खेलों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यहाँ के पैरा एथलीट्स ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित किया है। पैरा एथलेटिक्स में महासमुंद के खिलाड़ियों का योगदान केवल उनकी व्यक्तिगत जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय बन चुका है।

खिलाड़ियों की चुनौतियाँ और संघर्ष

हालांकि, इन खिलाड़ियों को यहाँ तक पहुँचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संसाधनों की कमी, उचित प्रशिक्षण सुविधाओं का अभाव, और वित्तीय सहायता की कमी जैसी समस्याएँ इनके मार्ग में रोड़े अटकाती रहीं। बावजूद इसके, इन खिलाड़ियों ने अपने जुनून और मेहनत से सभी बाधाओं को पार किया और अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।

खेल प्रशासन से अपेक्षाएँ और सुधार की जरूरत

छत्तीसगढ़ में पैरा एथलीट्स के लिए खेल सुविधाओं में सुधार की सख्त जरूरत है। महासमुंद जैसे जिलों में खेल प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक पैरा एथलीट्स को प्रशिक्षित किया जा सके। इसके अलावा, सरकार और खेल संस्थानों को इन खिलाड़ियों की वित्तीय सहायता और प्रायोजन के लिए पहल करनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महासमुंद की पहचान

इन खिलाड़ियों की सफलता ने महासमुंद को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है। दुबई जैसे बड़े मंच पर महासमुंद के खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन यह दर्शाता है कि यदि सही मार्गदर्शन और समर्थन मिले, तो यह क्षेत्र भविष्य में कई और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पैदा कर सकता है।

महासमुंद जिले के इन पैरा एथलीट्स की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व की बात है। सुखदेव केंवट का सिल्वर मेडल जीतना, निखिल यादव और लक्की यादव का शानदार प्रदर्शन यह दर्शाता है कि महासमुंद की प्रतिभाएँ किसी से कम नहीं हैं।

जरूरत है कि इन खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएँ मिलें, ताकि वे आगे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें। महासमुंद के इन होनहार खिलाड़ियों की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।

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