Advertisement

शादी का झांसा देकर 6 साल तक दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार – सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्रवाई!

शादी का झांसा देकर 6 साल तक दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार – सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्रवाई!

अंबिकापुर । 08 मार्च 2025 । सरगुजा जिले में महिला अपराधों के खिलाफ पुलिस का सख्त रुख लगातार जारी है। इसी कड़ी में महिला थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर छह वर्षों तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी सौरभ तिवारी (27) को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।

यह मामला समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। कैसे प्रेम और विश्वास का नाजायज फायदा उठाकर कुछ लोग महिलाओं का शोषण करते हैं और फिर आसानी से किनारा करने की कोशिश करते हैं? इस घटना ने यह भी साबित कर दिया है कि अब पीड़िताएं चुप बैठने के बजाय न्याय के लिए आगे आ रही हैं और कानून अपना सख्त रुख दिखा रहा है।

पीड़िता की शिकायत: छह साल तक शादी का झांसा और शारीरिक शोषण

पीड़िता ने 03 मार्च 2025 को महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उसने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी पहचान गोधनपुर निवासी सौरभ तिवारी से हुई थी। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बाद आरोपी ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। आरोपी ने पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाई और शादी का वादा किया।

धीरे-धीरे सौरभ तिवारी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से 2018 से 2024 तक बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। हर बार जब पीड़िता शादी की बात करती, तो आरोपी बहाने बनाकर टाल देता। लेकिन जब 2024 में पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो सौरभ ने साफ इनकार कर दिया।

पीड़िता को जब यह समझ में आया कि आरोपी ने उसे सिर्फ झूठे वादे देकर शोषण किया है, तो उसने महिला थाना जाकर न्याय की गुहार लगाई।

महिला थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला

महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया।

आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 02/25, धारा 64, 351(3) बी.एन.एस. और 3(2)(v) अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम (SC/ST एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया।

इन धाराओं के तहत किसी महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करना, जबरन शारीरिक संबंध बनाना और यदि पीड़िता अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से है, तो उसके खिलाफ किया गया अपराध और गंभीर माना जाता है।

पुलिस ने इस मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा और तत्काल जांच शुरू की।

आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी

नगर पुलिस अधीक्षक रोहित शाह के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सुनीता भारद्वाज और उनकी टीम ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

🔹 सबसे पहले पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
🔹 परिवार और परिचितों से पूछताछ कर उसकी अंतिम लोकेशन ट्रेस की गई।
🔹 लगातार निगरानी के बाद आरोपी सौरभ तिवारी को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान, आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और जब शादी का समय आया, तो वह पीछे हट गया।

पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

महिला अपराधों के खिलाफ सरगुजा पुलिस का कड़ा संदेश

सरगुजा पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए एक सख्त संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने यह भी अपील की है कि अगर किसी महिला के साथ इस तरह की घटना होती है, तो वह बेझिझक पुलिस से संपर्क करे। कानून पूरी तरह से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है।

नगर पुलिस अधीक्षक रोहित शाह ने कहा:
“महिलाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी व्यक्ति शादी का झांसा देकर किसी महिला के साथ धोखा करता है और उसका शारीरिक शोषण करता है, तो उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह मामला उन सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए भी एक सबक है कि वे किसी के झूठे वादों में न आएं और यदि उनके साथ कोई अन्याय हो तो तुरंत पुलिस की मदद लें।”

इस मामले में पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सुनीता भारद्वाज, आरक्षक संतोष गुप्ता, किशोर तिवारी और अरविंद मिंज की सक्रिय भूमिका रही।

🔹 पुलिस टीम ने पीड़िता से विस्तार से बयान लिया।
🔹 तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई।
🔹 गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को भागने से रोकने के लिए रणनीतिक तरीके अपनाए गए।

कानूनी धाराएं और उनकी सजा

इस मामले में आरोपी पर बी.एन.एस. की धारा 64, 351(3) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) लगाई गई हैं।

🔹 धारा 64 (बलात्कार): इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष से अधिक की सजा हो सकती है।
🔹 धारा 351(3): किसी महिला को धोखे से संबंध बनाने के लिए मजबूर करना एक गंभीर अपराध है, जिसमें 10 साल तक की सजा हो सकती है।
🔹 SC/ST एक्ट धारा 3(2)(v): यदि पीड़िता अनुसूचित जाति/जनजाति से है और अपराध उस वर्ग को निशाना बनाकर किया गया है, तो आरोपी को कठोरतम सजा दी जा सकती है।

इस मामले में पुलिस ने सख्त धाराएं लगाकर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया है।

सरगुजा पुलिस की अपील – महिलाएं न डरें, तुरंत रिपोर्ट करें

सरगुजा पुलिस ने इस मामले को एक उदाहरण बताते हुए सभी महिलाओं से अपील की है कि अगर उनके साथ कोई अन्याय होता है, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

🔹 महिला हेल्पलाइन नंबर – 1091
🔹 पुलिस कंट्रोल रूम – 100
🔹 स्थानीय थाना संपर्क – किसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाएं

पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति शादी का झूठा वादा करके किसी महिला का शारीरिक शोषण करता है, तो वह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं के खिलाफ अपराध नहीं सहन करेगी पुलिस

सरगुजा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट है कि महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।

यह मामला अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है कि वे अन्याय के खिलाफ खड़ी हों और कानूनी सहायता लें।

सरगुजा पुलिस का संकल्प: “हर महिला को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है!”

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47