शपथग्रहण से अमरजीत भगत का नाम गायब, समर्थकों में आक्रोश

शपथग्रहण से अमरजीत भगत का नाम गायब, समर्थकों में आक्रोश

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सूरजपुर में कांग्रेस की गुटबाजी उजागर, वार्ड 2, 10 और 12 में जीत दिलाने वाले भगत को किया दरकिनार

सूरजपुर। सौरभ साहू। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और उनके समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश है। यह आक्रोश तब सामने आया जब नगरपालिका सूरजपुर के शपथग्रहण समारोह के आमंत्रण पत्र से अमरजीत भगत का नाम हटा दिया गया। समर्थकों का कहना है कि भगत ने वार्ड क्रमांक 2, 10 और 12 में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत के लिए अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन उनकी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया।

वार्ड 2, 10 और 12 में प्रचार कराई जीत, फिर भी उपेक्षा

नगरपालिका सूरजपुर चुनाव में कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए कुसुमलता राजवाड़े को उम्मीदवार बनाया था। साथ ही, वार्ड क्रमांक 2, 10 और 12 में भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को टिकट दिया गया था। इन वार्डों में अमरजीत भगत ने जमकर प्रचार किया, डोर-टू-डोर कैंपेन से लेकर जनसभाएं कीं।

परिणामस्वरूप, वार्ड 2, 10 और 12 में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी भारी मतों से जीते। लेकिन जब विजयी प्रत्याशियों का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया, तो आमंत्रण पत्र से अमरजीत भगत का नाम गायब था।

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गुटबाजी के आरोप, समर्थकों ने जताई नाराजगी

भगत के समर्थकों का आरोप है कि कांग्रेस के एक गुट द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नेता को शपथग्रहण से बाहर रखना अनुचित है।

एक समर्थक ने कहा, “अमरजीत भगत ने वार्ड 2, 10 और 12 में कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की। लेकिन कुछ लोग उनकी लोकप्रियता से परेशान हैं और उन्हें पीछे करने की साजिश कर रहे हैं।”

आलाकमान तक जाएगी शिकायत

अमरजीत भगत ने इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उनके समर्थक अब पार्टी आलाकमान से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कांग्रेस गुटबाजी में उलझी रही, तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा।

क्या कांग्रेस उठाएगी कदम?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमरजीत भगत जैसे जमीनी नेता को नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि पार्टी ने समय रहते गुटबाजी पर रोक नहीं लगाई, तो आगामी चुनावों में यह बड़ा संकट बन सकता है। अब देखना यह है कि पार्टी इस मामले पर क्या कार्रवाई करती है और अमरजीत भगत को उचित सम्मान मिलता है या नहीं।