भूपेश बघेल का बयान: “तहव्वुर राणा की गिरफ्तारी यूपीए सरकार की नींव का नतीजा”

26/11 आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर भूपेश बघेल का तंज – “यूपीए सरकार ने रखी थी नींव, बीजेपी सिर्फ श्रेय ले रही”

चंडीगढ़। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और पाकिस्तानी मूल के तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर सियासत गरमा गई है। इस बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया है कि राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया की नींव यूपीए सरकार के समय रखी गई थी और आज जो नतीजा सामने आया है, वह उसी कार्य का परिणाम है।

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बघेल ने कहा, “इस मामले में बेसिक कार्य यूपीए सरकार ने किया था, तभी वह आज आ पाया। वैसे इनकी (बीजेपी) सरकार को 11 साल हो गए हैं। उस समय हमने जो काम किया वही आधार बना। तब ही वह एनआईए के कब्ज़े में आया है।” उनका इशारा इस ओर था कि कांग्रेस की अगुवाई वाली तत्कालीन सरकार ने राणा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कानूनी पैरवी की थी, जिसकी वजह से अमेरिका ने अब उसे भारत को सौंपने का निर्णय लिया है।

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ज्ञात हो कि तहव्वुर हुसैन राणा, पाकिस्तानी आतंकी डेविड हेडली का साथी था और उसे अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। भारत ने 2020 में उसके प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग की थी। हाल ही में अमेरिकी अदालत ने राणा के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दी है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय के लिए बड़ी सफलता बताया।

हालांकि, भूपेश बघेल ने इसे कांग्रेस की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार केवल श्रेय लेने का काम कर रही है जबकि असली मेहनत यूपीए कार्यकाल में हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा सरकार इतनी सक्रिय थी, तो उसने बीते 11 वर्षों में इस प्रक्रिया को क्यों नहीं पूरा किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के जरिए कांग्रेस एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी गंभीरता और नीतिगत मजबूती को जनता के सामने रखना चाहती है। वहीं, बीजेपी की ओर से इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है।