मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना नेता संजय निरुपम ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“…अगर ममता बनर्जी वास्तव में संविधान में विश्वास करती हैं और इसके प्रावधानों का सम्मान करती हैं, तो यह कहना कि वह संसद द्वारा पारित कानून को लागू नहीं करेंगी, संविधान का सीधा उल्लंघन है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी केवल मुस्लिम वोटों को लुभाने के लिए वक्फ संशोधन अधिनियम जैसे कानून को लागू नहीं कर रही हैं, जो बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की भावना के खिलाफ है।
निरुपम ने मांग की कि ममता बनर्जी स्पष्ट करें कि क्या वे भारतीय संविधान में विश्वास रखती हैं या नहीं। उन्होंने इसे राजनीतिक तुष्टिकरण की पराकाष्ठा बताया और कहा कि संविधान किसी राज्य सरकार को संसद द्वारा पारित कानून को अनदेखा करने की इजाज़त नहीं देता।
इस बयान ने केंद्र और राज्यों के अधिकारों को लेकर भी बहस को जन्म दिया है, खासकर उस समय जब राष्ट्रीय स्तर पर वक्फ संपत्तियों और उनसे जुड़े प्रावधानों पर चर्चा जोरों पर है।









