छत्तीसगढ़ में नामांतरण प्रक्रिया बदली: कांग्रेस ने लगाया भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

नामांतरण प्रक्रिया बदलने से भूमि विवाद बढ़ेंगे: कांग्रेस

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सुशील आनंद शुक्ला ने लगाया साय सरकार पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

रायपुर, 27 अप्रैल।प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार द्वारा भूमि नामांतरण प्रक्रिया में किए गए बदलावों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि साय सरकार ने भू-माफियाओं को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से नामांतरण की पूरी प्रक्रिया उप-पंजीयकों के हवाले कर दी है।

शुक्ला ने कहा कि अब न तो तहसील जांच करेगी, न ग्रामसभा का प्रस्ताव आवश्यक होगा और न ही जमीन के वास्तविक मालिक को सूचना दी जाएगी। सीधे उप-पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण हो जाएगा। इससे भूमि फर्जीवाड़े के मामलों में भारी वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

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उन्होंने सवाल उठाया कि नए सिस्टम में गलत नामांतरण के बाद ऋण पुस्तिका का प्रमाणीकरण कौन करेगा? राजस्व अभिलेखों का संधारण कौन करेगा? और गलत नामांतरण पर सुनवाई किसके पास होगी, जबकि उप-पंजीयकों के पास न्यायिक अधिकार ही नहीं हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले तहसील और ग्रामसभा में जांच से फर्जीवाड़े पकड़े जाते थे, लेकिन अब नए आदेश के तहत बिना दावा-आपत्ति, बिना नोटिस प्रकाशन और बिना सूचना के नामांतरण संभव हो जाएगा। इससे असली जमीन मालिक को अपनी संपत्ति से हाथ धोना पड़ सकता है।

सुशील आनंद शुक्ला ने चेताया कि इस बदलाव से सरकारी भूमि, पट्टा भूमि, आदिवासी भूमि, कोटवारी भूमि, अवैध प्लाटिंग, अ-हस्तांतरणीय भूमि और मिसल से अधिक रकबे की जमीनें भी रजिस्ट्री कराई जा सकेंगी और नामांतरण हो जाएगा। इससे राजस्व प्रकरणों में विवाद और बढ़ेंगे तथा आम जनता की जमीनें खतरे में पड़ जाएंगी।