
भगवान चित्रगुप्त न्याय के देवता हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय | चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव 2025 रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव में भाग लिया और कायस्थ समाज को सच्चाई, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्मारिका विमोचन और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान भी हुआ।
भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं और उनका संदेश साफ है—जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर, 5 मई 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित श्री चित्रगुप्त प्राकट्य उत्सव में सम्मिलित हुए। इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।
मुख्यमंत्री ने कायस्थ समाज को इस आयोजन के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय और कर्म के देवता हैं। उन्होंने कहा कि उनका संदेश है—”जो जैसा करेगा, वैसा फल पाएगा”, जो हमारे जीवन और समाज की नींव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्य समाज को मजबूती देते हैं।
इस अवसर पर “चित्रांश महोत्सव स्मारिका”, बच्चों की सीख पर आधारित पुस्तक और ग़ज़ल-मुक्तक संग्रह का विमोचन भी किया गया। साथ ही, समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और इस समाज ने शिक्षा, प्रशासन, न्याय और साहित्य में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कटिबद्ध है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक चेतना को बल मिलता है और युवाओं को अपने इतिहास और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कायस्थ समाज की देश की आजादी, साहित्य, संगीत और कला में भूमिका को याद करते हुए समाज की विभूतियों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी समाज की गतिविधियों और आयोजन की रूपरेखा साझा की। आयोजन में कायस्थ समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।












