Advertisement

संविधान, सद्भाव और सामाजिक न्याय ही भारत की आत्मा : टी.एस. सिंहदेव

संविधान, सद्भाव और सामाजिक न्याय ही भारत की आत्मा : टी.एस. सिंहदेव

अंबिकापुर | 03 जनवरी 2026| छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने नववर्ष 2026 के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में कहा कि भारत की मूल आत्मा संविधान, सर्वधर्म समभाव, सहिष्णुता और सामाजिक न्याय में निहित है। उन्होंने कहा कि बीता वर्ष 2025 सामाजिक चेतना के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, विशेषकर आदिवासी अंचलों में बढ़ते वैमनस्य और टकराव की घटनाएं छत्तीसगढ़ की शांति-प्रिय परंपरा के विपरीत हैं।

टी.एस. सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि उनका यह वक्तव्य किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एक संवैधानिक नागरिक और जनसेवक के रूप में है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय संविधान की आत्मा समानता, बंधुत्व और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है।

मॉब लिंचिंग और पहचान आधारित अपराधों पर चिंता

देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) और पहचान आधारित अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल मानवता पर आघात हैं, बल्कि देश के सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि भय, अफवाह और नफरत के आधार पर की जाने वाली राजनीति समाज को विभाजित करती है और विकास की गति को बाधित करती है।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

कानून का शासन सर्वोपरि

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोच्च होता है और प्रशासन की निष्पक्षता ही जनता के विश्वास की नींव है। उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त होकर केवल संविधान के अनुरूप कार्य करें।

युवाओं से विशेष अपील

युवाओं से संवाद करते हुए टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि सूचना क्रांति के इस युग में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भ्रामक सूचनाओं और नफरत फैलाने वाली विचारधाराओं से दूर रहकर संवाद, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के सेतु बनें।

समावेशी भारत के निर्माण का आह्वान

अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में देश को विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता जैसे मूल मुद्दों पर केंद्रित होकर एक समावेशी और मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

 

 

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM