छत्तीसगढ़ को मिला पहला ट्राइबल म्यूजियम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया लोकार्पण
राज्य की जनजातीय संस्कृति का होगा व्यापक प्रदर्शन, पर्यटन और शोध का बनेगा प्रमुख केंद्र
रायपुर, 15 मई 2025 — छत्तीसगढ़ को आज उसका पहला ट्राइबल म्यूजियम (आदिवासी संग्रहालय) मिल गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर अटल नगर में बने इस भव्य संग्रहालय का लोकार्पण किया। आदिवासी परंपरा अनुसार द्वार पूजा और प्रकृति शक्ति की आराधना के साथ म्यूजियम का शुभारंभ हुआ। यह संग्रहालय न केवल जनजातीय जीवनशैली, कला, परंपराएं और संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि यह युवाओं और पर्यटकों के लिए शोध एवं प्रेरणा का प्रमुख केन्द्र बनेगा।
मुख्य आकर्षण:
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म्यूजियम में कुल 14 गैलरियाँ, प्रत्येक अलग थीम पर आधारित
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जनजातीय रीति-रिवाज, नृत्य, वाद्ययंत्र, कृषि, भोजन, बांस और लकड़ी शिल्प, चित्रकला, गोदना कला आदि का डिजिटल और दृश्य माध्यमों से प्रदर्शन
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AI तकनीक और QR कोड स्कैनिंग से झांकियों की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध
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विशेष रूप से कमजोर जनजातियों (PVTG) की जीवनशैली और पहचान का विशेष प्रदर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता पर गर्व जताते हुए कहा कि यह संग्रहालय युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में याद करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदिवासी कल्याण योजनाओं का उल्लेख किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू, व अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
सम्मान और नियुक्तियाँ भी कार्यक्रम का हिस्सा
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कथानक समिति के विशेषज्ञों और समाज प्रतिनिधियों का सम्मान
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‘प्रयास’ के 112 विद्यार्थियों को JEE में सफलता पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई
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300 नवचयनित छात्रावास अधीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित
पर्यटन और सांस्कृतिक अनुसंधान को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि म्यूजियम की झांकी देखकर लोग बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय अंचलों की यात्रा के लिए प्रेरित होंगे। यह संग्रहालय न केवल देखने योग्य होगा, बल्कि शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए भी जानकारी का समृद्ध भंडार बनेगा।












