छत्तीसगढ़ बना पीएम आयुष्मान वय-वंदना कार्ड निर्माण में देश में 5वां राज्य, 3.60 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित

छत्तीसगढ़ बना पीएम आयुष्मान वय-वंदना कार्ड निर्माण में देश में 5वां राज्य, 3.60 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित

राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार को पीछे छोड़ा; 6 ज़िले बने “वय-मित्र”

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

रायपुर, 25 मई 2025/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई पीएम आयुष्मान वय-वंदना योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 3 लाख 60 हजार से अधिक 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों को वय-वंदना कार्ड मिल चुका है। इस आधार पर छत्तीसगढ़ पूरे देश में पांचवें स्थान पर पहुँच गया है। राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़कर छत्तीसगढ़ ने इस क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विशेष अभियान चलाकर सभी जिलों में पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना से जोड़ने का काम किया है। नवंबर 2024 से पंजीयन कार्य में आई तेजी ने इस सफलता में बड़ी भूमिका निभाई।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

कैसे बनाएँ वय-वंदना कार्ड?

यदि आपके माता-पिता या कोई अन्य सदस्य 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं और उनके पास आधार कार्ड है, तो वे नजदीकी शासकीय अस्पताल, सीएमएचओ कार्यालय, या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर निःशुल्क वय-वंदना कार्ड बनवा सकते हैं।
वैकल्पिक रूप से, टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर या आयुष्मान भारत एपआधार फेस आईडी एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन भी किया जा सकता है।

6 ज़िले बनेंगे “वय-मित्र” जिले

राज्य सरकार ने उन 6 जिलों को “वय-मित्र जिले” घोषित किया है जहाँ 60% से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीयन हो चुका है। इन जिलों में निम्न विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं:

  • वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर

  • मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा

  • टेली-मेडिसीन व मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग

  • प्रत्येक गुरुवार ‘सियान-जतन शिविर’

  • आयुष पद्धति से चिकित्सा व मोतियाबिंद जांच

इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क इलाज से वंचित न रह जाए।