बेरोजगार युवाओं के लिए केंद्र सरकार की बड़ी सौगात: नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर लॉन्च हुआ ‘AI Resume Builder’, अब मिनटों में मुफ्त बनेगा प्रोफेशनल CV
महंगे टूल्स और साइबर कैफे के खर्च से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में किसी भी नौकरी को पाने के लिए एक आकर्षक और तकनीकी रूप से सही रेज़्यूमे (Resume) का होना सबसे पहली शर्त होती है। अक्सर देखा जाता है कि देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं के पास अच्छी शैक्षणिक योग्यता होने के बावजूद वे एक बेहतर सीवी नहीं बना पाते हैं। इसके लिए उन्हें या तो साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर निजी वेबसाइटों को मोटी रकम देकर सीवी फॉर्मेट करवाना पड़ता है। युवाओं की इसी व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस एआई टूल को पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) उपलब्ध कराया है, ताकि समाज के हर वर्ग का युवा इसका समान लाभ उठा सके।
NCS पोर्टल पर ‘AI Resume Builder’ का उपयोग कैसे करें?
- पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट ncs.gov.in पर विजिट करें।
- रजिस्ट्रेशन/लॉगिन: यदि आप नए यूजर हैं तो ‘Job Seeker’ के रूप में खुद को पंजीकृत करें, अथवा अपने क्रेडेंशियल्स के साथ लॉगिन करें।
- एआई रेज़्यूमे सेक्शन: प्रोफाइल डैशबोर्ड में दिए गए ‘AI Resume Builder’ के विकल्प पर क्लिक करें।
- डेटा प्रविष्टि: अपनी शिक्षा, कार्य अनुभव (यदि कोई हो), तकनीकी कौशल (Skills) और व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें।
- फॉर्मेट का चयन: एआई टूल आपके डेटा का विश्लेषण करेगा और उद्योग जगत की मांग के अनुसार सबसे बेहतरीन टेम्पलेट्स सुझाएगा।
- फ्री डाउनलोड: अपनी पसंद के अनुसार सीवी को कस्टमाइज़ कर एक क्लिक में प्रोफेशनल पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में डाउनलोड करें।
एटीएस-फ्रेंडली (ATS-Friendly) रेज़्यूमे बनाएगी एआई तकनीक
आजकल बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े उद्योगों में उम्मीदवारों के सीवी को शॉर्टलिस्ट करने के लिए ‘एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम’ (ATS) नामक सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है। यदि सीवी में सही कीवर्ड्स और सही फॉर्मेटिंग न हो, तो वह सॉफ्टवेयर द्वारा प्रारंभिक चरण में ही रिजेक्ट हो जाता है। नेशनल करियर सर्विस का यह नया एआई टूल रेज़्यूमे की भाषा और कीवर्ड्स को इस प्रकार व्यवस्थित करता है कि वह एटीएस (ATS) फ्रेंडली बन जाता है। इससे नियोक्ताओं (Employers) की नजरों में उम्मीदवार का प्रोफाइल जल्दी आता है और साक्षात्कार (Interview) के लिए कॉल आने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
NCS ‘AI Resume Builder’ की प्रमुख विशेषताएं और लाभ:
- शत-प्रतिशत निःशुल्क सुविधा: बाजार में उपलब्ध महंगे और प्रीमियम रेज़्यूमे बिल्डर्स के विपरीत यह सरकारी सेवा पूरी तरह मुफ्त है।
- स्मार्ट कीवर्ड सजेशन्स: आपके कार्यक्षेत्र (जैसे आईटी, बैंकिंग, शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग) के आधार पर एआई स्वचालित रूप से प्रभावी शब्दों का सुझाव देता है।
- समय की बचत: जो सीवी बनाने में पहले घंटों का समय बर्बाद होता था, वह अब इस टूल के माध्यम से मात्र 5 से 10 मिनट में तैयार हो जाता है।
- उद्योग जगत के मानक: इस टूल में शामिल सभी फॉर्मेट्स और लेआउट्स को शीर्ष मानव संसाधन विशेषज्ञों (HR Experts) की सलाह पर तैयार किया गया है।
- बहुभाषी सपोर्ट: यह टूल देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के साथ काम करने में सक्षम है, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को आसानी होगी।
क्या है नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल?
नेशनल करियर सर्विस (NCS) परियोजना भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी मिशन मोड प्रोजेक्ट है। इसका उद्देश्य देश के श्रम बाजार को एक त्वरित और कुशल डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। यह पोर्टल केवल रेज़्यूमे बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश भर के नौकरी चाहने वालों, नियोक्ताओं, करियर काउंसिलर्स, व्यावसायिक मार्गदर्शन विशेषज्ञों और कौशल प्रशिक्षण प्रदाताओं को एक मंच पर जोड़ता है। इस पोर्टल पर वर्तमान में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों की लाखों सक्रिय रिक्तियां (Vacancies) उपलब्ध हैं, जहां युवा अपनी योग्यता के अनुसार सीधे आवेदन कर सकते हैं।
‘ईज ऑफ लिविंग’ और डिजिटल इंडिया को नई मजबूती
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट – मैक्सिमम गवर्नेंस’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण को पूरी तरह चरितार्थ करती है। तकनीक का उपयोग कर शासकीय सेवाओं को सीधे जनता के मोबाइल और कंप्यूटर तक पहुंचाना ही वास्तविक सुशासन है। इस टूल के आ जाने से न केवल युवाओं के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि देश के सुदूर अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को भी बड़े कॉरपोरेट घरानों तक अपनी पहचान सही ढंग से पहुंचाने का समान अवसर प्राप्त होगा। मंत्रालय ने सभी राज्यों के रोजगार कार्यालयों को भी निर्देशित किया है कि वे जमीनी स्तर पर शिविर लगाकर युवाओं को इस मुफ्त एआई टूल के बारे में जागरूक करें।









