बस्तर संभाग में 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण, बेहतर शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित

बस्तर संभाग में 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण, बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलेगीं

रायपुर, 03 जून 2025। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए बस्तर संभाग के सात जिलों में 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण करने की योजना शुरू की है। इस पहल से विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार, संसाधनों की उपलब्धता और बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा के अनुसार बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और सुकमा जिलों में कम छात्र संख्या वाली या निकटस्थ कई शालाओं को एकीकृत किया जा रहा है। इससे न केवल अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना संभव होगी, बल्कि बच्चों को पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और खेल सामग्री जैसी बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

संयुक्त संचालक शिक्षा ने बताया कि इस योजना से छात्रों की उपस्थिति में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। प्रशासनिक खर्च में बचत कर उसे शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और विद्यालय परिसरों को संसाधनयुक्त बनाना है।

इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को लाभ होगा और छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।