मनरेगा से बदली किसान सूरत कुमारी की तस्वीर: डबरी निर्माण से बढ़ी आय, सालभर खेती व मछलीपालन का लाभ

मनरेगा ने बदली किसान सूरत कुमारी की जिंदगी, डबरी निर्माण से सालभर खेती व मछलीपालन से बढ़ी आमदनी

 

 

 

अम्बिकापुर/ 08 दिसंबर 2025।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण आजीविका, जल संवर्धन और कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम कुम्हरता की किसान सूरत कुमारी मनरेगा की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी हैं।

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सूरत ने मनरेगा अंतर्गत अपने खेत में डबरी (फार्म पॉन्ड) का निर्माण करवाया, जिसके बाद उनकी कृषि भूमि पर जल संकट पूरी तरह समाप्त हो गया और उनकी आमदनी कई गुना बढ़ गई।


2.99 लाख की स्वीकृति, 30×30 फीट की डबरी में 6 फीट पानी संग्रहित

सूरत कुमारी को वर्ष 2024-25 में डबरी निर्माण के लिए ₹2.99 लाख की स्वीकृति मिली।
उन्होंने अपने खेत में 30×30 फीट की डबरी निर्माण कराई, जो आज 6 फीट पानी से लबालब भरी रहती है।

पहले उनके पास सिंचाई का कोई साधन नहीं था, जिस कारण वे सिर्फ बारिश के मौसम में ही धान की खेती कर पाती थीं।
डबरी निर्माण के बाद अब वे पूरे साल खेती कर पा रही हैं।


3 एकड़ भूमि पर सालभर फसलें—अब बहुफसलीय कृषि

डबरी निर्माण से सूरत के खेतों में अब बारहों महीने फसलें लहलहाने लगी हैं।
उन्होंने कहा कि अब वे—

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  • साग-सब्जियाँ
  • गेहूँ
  • अरहर
  • और अन्य फसलें

आसानी से ले पा रही हैं।
डबरी का पानी पूरे साल सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराता है, जिससे उनकी कृषि उत्पादन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।


1231 मानव दिवस रोजगार का सृजन

डबरी निर्माण कार्य से गाँव में 1231 मानव दिवस रोजगार उत्पन्न हुआ।
इससे गाँव के कई मजदूरों को कार्य मिला और स्थानीय आजीविका को मजबूती मिली।


अब मछलीपालन भी—आय में कई गुना वृद्धि

सूरत कुमारी ने डबरी में मछलीपालन भी शुरू किया है।
उन्होंने इस वर्ष 5 किलो मछली बीज डाला है, जो तेजी से बढ़ रहा है।

सूरत के अनुसार—

“मछलीपालन से अच्छी कमाई हो रही है। खेती के साथ अब यह भी बड़ा आय का साधन बन गया है।”

उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं बेहतर हो गई है और अब घर में समृद्धि दिखाई दे रही है।


योजना की सराहना, ग्रामीणों को प्रेरित कर रहीं सूरत

सूरत ने मनरेगा से मिले सहयोग के लिए शासन का आभार जताया और कहा कि योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी है।
अब वे स्वयं गाँव के अन्य किसानों को भी मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण और अन्य संसाधनों का लाभ लेने प्रेरित कर रही हैं।