युक्तियुक्तकरण में अनियमितता पर BEO पंडित भारद्वाज निलंबित, शिक्षक पदों की गलत जानकारी बनी वजह

युक्तियुक्तकरण में लापरवाही पर विकास खण्ड शिक्षाधिकारी श्री पंडित भारद्वाज निलंबित

शिक्षक पदों में कुटरचना एवं भ्रामक जानकारी देने के गंभीर आरोप

 

📍 अम्बिकापुर, 09 जून 2025|राज्य शासन द्वारा शिक्षकों और शालाओं के युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) की प्रक्रिया के अंतर्गत हुई गंभीर लापरवाही पर कार्यवाही करते हुए विकास खण्ड शिक्षाधिकारी, रामानुजनगर (जिला सूरजपुर) श्री पंडित भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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🔍 प्रमुख आरोप एवं अनियमितताएं:

  • शा. उ. मा. वि. भुवनेश्वरपुर में अंग्रेजी विषय के दो रिक्त पद गलत दर्शाए गए, जबकि पहले से चार व्याख्याता कार्यरत थे।

  • परिणामस्वरूप, दो अतिरिक्त व्याख्याताओं की अनुचित पदस्थापना की गई।

  • प्रा. शा. सरईपारा, जगतपुर एवं देवनगर में छात्र संख्या से अधिक पद दर्शाकर अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति

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  • हाई स्कूल सुमेरपुर में कला संकाय के व्याख्याता श्री राजेश कुमार जायसवाल को विज्ञान विषय का बताकर रिक्त पद दर्शाया गया, जिससे एक और अतिरिक्त पदस्थापना की गई।

⚖️ प्रशासनिक कार्रवाई:

सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा द्वारा जारी आदेशानुसार:

  • श्री भारद्वाज का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है।

  • उन्हें छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निलंबित किया गया।

  • निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

  • उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर-रामानुजगंज नियत किया गया है।

🧾 प्रभाव और संदेश:

शिक्षा विभाग की इस कठोर कार्रवाई से स्पष्ट संकेत है कि युक्तियुक्तकरण में पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई कुटरचना या पदों की गलत जानकारी भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकती है।