छत्तीसगढ़ पंजीयन विभाग की 10 नई ऑनलाइन सुविधाएं | रजिस्ट्री, नामांतरण और प्रमाण पत्र अब घर बैठे

जनविश्वास की ओर 10 कदम: पंजीयन विभाग की 10 क्रांतिकारी सुविधाएं

अब घर बैठे पाएं रजिस्ट्री, नामांतरण और दस्तावेज़ों की सुविधा

राजनांदगांव, 13 जून 2025। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग ने आम नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए 10 क्रांतिकारी सुधार लागू किए हैं। अब संपत्ति रजिस्ट्री, प्रमाण पत्र, दस्तावेज निर्माण जैसी प्रक्रियाएं पहले से कहीं अधिक सरल, सुरक्षित और डिजिटल हो गई हैं। ये बदलाव “जनविश्वास की ओर 10 कदम” थीम के तहत किए गए हैं।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

📌 ये हैं 10 प्रमुख सुविधाएं:

  1. फर्जी रजिस्ट्री पर रोक – आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन से संपत्ति लेनदेन में धोखाधड़ी रुकेगी।

  2. रजिस्ट्री खोज और डाउनलोड सुविधा – कोई भी रजिस्टर्ड दस्तावेज अब ऑनलाइन सर्च कर डाउनलोड किया जा सकेगा।

  3. ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र (Incumbrance Certificate) – अब संपत्ति की कानूनी स्थिति घर बैठे जांचें।

  4. कैशलेस भुगतान सुविधा – अब स्टाम्प व पंजीयन शुल्क ऑनलाइन भुगतान के कई माध्यमों से करें।

  5. व्हाट्सएप सेवाएं – रजिस्ट्री की स्थिति, स्लॉट बुकिंग जैसी जानकारी अब सीधे व्हाट्सएप पर मिलेगी।

    66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
    hotal trinetra
    gaytri hospital
    WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
  6. डिजीलॉकर इंटीग्रेशन – रजिस्ट्री दस्तावेज़ डिजीलॉकर में सुरक्षित, कभी भी एक्सेस योग्य।

  7. रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वत: निर्माण – अब दस्तावेज पेपरलेस तरीके से खुद-ब-खुद तैयार होंगे।

  8. डिजी डॉक्यूमेंट सेवा – शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब 24×7 घर बैठे बनाएं।

  9. घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा – वीडियो केवाईसी के माध्यम से अब फेसलेस रजिस्ट्री संभव।

  10. रजिस्ट्री के साथ स्वत: नामांतरण – अब रजिस्ट्री होते ही राजस्व रिकॉर्ड में नाम भी अपडेट होगा।

🏛 विभाग का उद्देश्य:

  • प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाना

  • नागरिकों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाना

  • डिजिटल इंडिया मिशन के तहत आधुनिक सेवाएं देना

  • एक राष्ट्र, एक पंजीयन प्रणाली को लागू करना

विभाग द्वारा एनजीडीआरएस (National Generic Document Registration System) सॉफ्टवेयर की मदद से यह सब संभव हुआ है, जिसे भारत सरकार के NIC द्वारा विकसित किया गया है।