अयोध्या में रामलला का भव्य श्रृंगार और चार समय का भोग, देखें आरती का लाइव दर्शन

अयोध्या में रामलला का भव्य श्रृंगार और चार समय का भोग, देखें आरती का लाइव दर्शन

अयोध्या। ब्रह्मांड नायक भगवान श्री रामलला का श्रृंगार प्रतिदिन अलौकिक और भव्य स्वरूप में किया जाता है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (1 नवंबर, शनिवार) को भी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में प्रभु रामलला का दिव्य श्रृंगार संपन्न हुआ।

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श्रीरामलला को दिनभर चार बार भोग लगाया जाता है — बाल भोग, राजभोग, भोग आरती और शयन भोग। ये सभी व्यंजन राम मंदिर की रसोई में भक्तिभाव से तैयार किए जाते हैं।
हर दिन और मौसम के अनुरूप वस्त्र और अलंकरण बदले जाते हैं — गर्मियों में सूती वस्त्र और सर्दियों में ऊनी व स्वेटर पहनाए जाते हैं।

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रामलला की पहली आरती सुबह 6:30 बजे होती है, जब प्रभु को जगाने से लेकर स्नान, लेप और वस्त्र धारण कराने की परंपरा निभाई जाती है।
दोपहर 12 बजे भोग आरती, शाम 7:30 बजे संध्या आरती और रात 8:30 बजे शयन आरती संपन्न होती है।
भक्तों को रामलला के दर्शन रात 7:30 बजे तक करने की अनुमति है।

रामलला को प्रतिदिन दिल्ली से विशेष रूप से मंगाई गई फूलों की माला से सजाया जाता है, जो उनके श्रृंगार को और भी दिव्यता प्रदान करती है|