छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना फेल, भाजपा सरकार में इलाज को तरस रही जनता: कांग्रेस

भाजपा सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, आयुष्मान कार्ड धारक इलाज के लिए भटक रहे: कांग्रेस

रायपुर | 03 जुलाई 2025| छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जन सरोकारों की अनदेखी की जा रही है और आयुष्मान कार्ड धारक मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

वर्मा ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से कतरा रहे हैं क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से भुगतान में देरी हो रही है। इसके चलते अस्पताल मरीजों पर नगद भुगतान का दबाव बना रहे हैं और गरीब-मजदूर वर्ग के लोग इलाज से वंचित हो रहे हैं।

भ्रष्टाचार और झूठे दावों की योजना बन गई है आयुष्मान: वर्मा

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के नाम पर मृतकों के फर्जी इलाज और लाखों फर्जी पंजीयन जैसे मामलों को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने भी उजागर किया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भाजपा के पूर्व कार्यकाल में गर्भाशय कांड, नसबंदी कांड, अंखफोड़वा कांड, डीकेएस अस्पताल घोटाला और दवा खरीदी में भ्रष्टाचार जैसे मामले सामने आए थे।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

कांग्रेस शासन में हुई थी स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती

वर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को ढाई गुना बेहतर किया था। मोहल्ला क्लिनिक, हमर अस्पताल, हमर लैब, हाट-बाजार क्लिनिक जैसी योजनाओं ने गरीबों को उनके घर के पास इलाज की सुविधा दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 25 लाख तक का इलाज मुफ्त किया जा रहा था और 4,000 से अधिक पदों पर स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती हुई थी।

प्रीमियम का बोझ राज्यों पर, जिम्मेदारी से भाग रही केंद्र सरकार

वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2018 के बाद से आयुष्मान योजना के प्रीमियम की समीक्षा नहीं की है जबकि इसकी लागत दोगुनी हो चुकी है। केंद्र का वास्तविक योगदान प्रीमियम के मात्र 25% से भी कम है, जबकि 75% बोझ राज्यों पर डाला जा रहा है। इस कारण योजना का संचालन बाधित हो रहा है और मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

जनता इलाज के अभाव में बे-मौत मरने को मजबूर

उन्होंने कहा कि भाजपा के झूठे वादों, लफ्फाजी और जुमलेबाजी की सच्चाई अब जनता के सामने है। स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकता से वंचित कर देना सबसे बड़ा जनविरोधी कृत्य है और भाजपा की सरकार इसमें पूरी तरह विफल रही है।