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छत्तीसगढ़ में महिला समूहों को फिर से मिला रेडी टू ईट निर्माण कार्य, रायगढ़ से हुई शुरुआत

महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः सौंपा गया रेडी टू ईट निर्माण का कार्य

 

प्रधानमंत्री मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में 10 महिला समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र, कहा – पोषण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मॉडल बनेगी यह योजना

रायपुर, 11 जुलाई 2025/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने रेडी टू ईट (Ready to Eat) निर्माण एवं वितरण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने की शुरुआत रायगढ़ जिले से कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे।

मुख्यमंत्री का संदेश:

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और बच्चों के पोषण को साथ लेकर चलने वाली सशक्त योजना है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार और सम्मान मिलेगा, बल्कि आंगनबाड़ी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार भी सुनिश्चित हो सकेगा।


रायगढ़ बना पहला जिला

इस योजना की शुरुआत 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है, जिनमें रायगढ़ पहला जिला है। यहाँ के 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में अब रेडी टू ईट फूड महिला समूहों द्वारा वितरित किया जाएगा। महिला समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना के लिए PMFME योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। यह कदम उन्हें आत्मनिर्भर, लखपति दीदी बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा:

“यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी का हिस्सा है। हमनें बीते 1.5 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास, धान खरीदी, बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना, तेन्दूपत्ता समर्थन, चरण पादुका योजना, रामलला दर्शन यात्रा आदि को जमीन पर उतारा है।”

अटल डिजिटल सेवा केंद्र भी सशक्त उदाहरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1460 पंचायतों में अब तक अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले गए हैं, जहाँ गाँव की माताएँ-बहनें बैंकिंग सेवाएँ आसानी से प्राप्त कर रही हैं।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का संबोधन

वित्त मंत्री ने कहा कि महिला समूहों को एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे रेडी टू ईट योजना राज्य के पोषण मिशन को मजबूती दे सके।

“हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ आत्मनिर्भर बनें और लखपति दीदी मिशन की मिसाल पेश करें।”


परियोजनाएँ जहाँ महिला समूह सक्रिय किए गए हैं:

  • रायगढ़ शहरी
  • रायगढ़ ग्रामीण
  • पुसौर
  • खरसिया
  • घरघोड़ा
  • तमनार
  • लैलूंगा
  • मुकड़ेगा
  • धरमजयगढ़
  • कापू