डूमरपान में प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी राशि में घोटाला, जनपद सदस्य ने की कार्रवाई की मांग

डूमरपान में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े हितग्राहियों की मजदूरी राशि का गबन, जनपद सदस्य ने की शिकायत

रामचंद्रपुर, बलरामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत डूमरपान गांव में दर्जनों हितग्राहियों द्वारा निर्मित आवासों की मनरेगा मजदूरी राशि का गबन किए जाने का मामला सामने आया है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली 90 दिन की मजदूरी प्रभावित हितग्राहियों के खातों में नहीं जाकर किसी अन्य के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

क्या है मामला?

डूमरपान गांव में कई ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद उन्हें मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी राशि नहीं मिली

शिकायतकर्ता हितग्राही:

  • रामाधार पिता धनुकी

  • सत्यदेव पिता जीत सिंह

  • सोनेलाल पिता रूपसाय

  • मानिकचंद पिता नारायण

  • मणिलाल पिता नारायण

  • अवध बिहारी यादव पिता सोमारू

  • शिवभजन पिता रामदास

  • जमुना पिता विश्वनाथ

इन हितग्राहियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

क्या हैं आरोप?

  • पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत से मजदूरी राशि का गबन हुआ।

  • लाभार्थियों को धोखा देकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में राशि ट्रांसफर की गई।


जनपद सदस्य की पहल से हुआ खुलासा

जनपद सदस्य रामेश्वर यादव ने बताया, “जब हितग्राहियों ने मुझसे संपर्क किया, तब मैंने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मैंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।”


प्रशासन की प्रतिक्रिया

मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक द्विवेदी ने पुष्टि करते हुए कहा,

“हमें शिकायत प्राप्त हुई है, मामले की जांच की जाएगी।”

बड़ा सवाल: कब मिलेगी गरीबों को न्याय?

प्रधानमंत्री आवास जैसी महत्वाकांक्षी योजना में इस प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार योजना की साख पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी गंभीरता और पारदर्शिता से कार्रवाई करता है और गरीब हितग्राहियों को उनका वास्तविक हक कब तक दिलाया जाएगा