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रायपुर में भव्य तीजा-पोरा तिहार एवं पारंपरिक खेल महोत्सव, पूर्व CM भूपेश बघेल हुए शामिल

रायपुर में भव्य तीजा-पोरा तिहार एवं पारंपरिक खेल महोत्सव, पूर्व CM भूपेश बघेल हुए शामिल

रायपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में तीजा-पोरा तिहार का भव्य आयोजन हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सपरिवार शामिल होकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। जानिए कार्यक्रम की खास बातें।

रायपुर में तीजा-पोरा तिहार: संस्कृति, खेल और आस्था का संगम

रायपुर, 23 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत करने वाला तीजा-पोरा तिहार आज रायपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। यह त्योहार छत्तीसगढ़ की पहचान है, जिसमें महिलाओं की विशेष भागीदारी रहती है। तीजा पर्व के मौके पर मायके आने वाली बेटियों और बहनों का सम्मान किया जाता है, वहीं पोरा तिहार में पशुधन की पूजा कर कृषि समृद्धि की कामना की जाती है।

भूपेश बघेल सपरिवार शामिल, भोलेनाथ की पूजा-अर्चना

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना से हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी सपरिवार शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धापूर्वक भगवान शंकर की पूजा की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। बघेल ने कहा,

“तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति का आधार है। हमें इन पर्वों के जरिए अपनी लोक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए।”

पारंपरिक खेलों और लोक गीतों की छटा

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कार्यक्रम में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया, जिनमें फुगड़ी, पिट्ठुल, रस्साकशी, गिल्ली-डंडा और अन्य ग्रामीण खेलकूद शामिल थे। महिलाओं ने फुगड़ी खेलकर पूरे मैदान में उत्सव का माहौल बना दिया। बच्चे और युवा भी लोक खेलों में उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीतों और नृत्यों से माहौल को रंगीन बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं और युवतियों ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।

व्यंजनों की खुशबू से महका स्टेडियम

तीजा-पोरा तिहार का जिक्र हो और छत्तीसगढ़ी व्यंजन न हों, ऐसा हो ही नहीं सकता। आयोजन स्थल पर चिला, फरा, ठेठरी-खुरमी, पुआ और अरसा-भजिया जैसे पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू फैली रही। लोगों ने बड़े चाव से इन व्यंजनों का आनंद लिया।

महिलाओं के लिए विशेष सम्मान

छत्तीसगढ़ की संस्कृति में तीजा-पोरा का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह त्योहार मातृशक्ति को समर्पित है। इस मौके पर मायके आने वाली बहनों और बेटियों को उपहार दिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बेटियों का सम्मान हमारी परंपरा है और इसे आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य है।

कार्यक्रम का उद्देश्य

आयोजन समिति ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को संरक्षित करना, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना और समाज में आपसी भाईचारा कायम रखना है। आधुनिक समय में जहां लोग पारंपरिक पर्वों से दूर हो रहे हैं, ऐसे आयोजन इन पर्वों को नई ऊर्जा देते हैं।

जनता का उत्साह और सोशल मीडिया पर चर्चा

तीजा-पोरा तिहार की झलकियां सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। #तीजा_पोरा_तिहार ट्रेंड कर रहा है और लोग इस उत्सव की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं। राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में इस पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है।

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