मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का सरगुजा दौरा: संस्थाओं का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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अंबिकापुर, 13 सितम्बर 2025। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शनिवार को सरगुजा जिले के दौरे पर रहीं। उन्होंने वृद्धाश्रम, आशा निकुंज विशेष विद्यालय, बालिका बाल गृह, शक्ति सदन, बौद्धिक मंदता विद्यालय, बालिका एवं बालक सम्प्रेषण गृह, नारी निकेतन सहित कई संस्थाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वृद्धाश्रम का निरीक्षण

अजीरमा स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर मंत्री ने वृद्धजनों का हालचाल जाना, उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्वच्छता, एमरजेंसी लाइट लगाने तथा गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें ताकि व्यवस्थाएं मजबूत बनी रहें।

विशेष विद्यालय और बाल गृहों का दौरा

होलीक्रॉस आशा निकुंज विशेष विद्यालय में बच्चों ने आत्मीयता से स्वागत किया और नृत्य प्रस्तुति दी। मंत्री ने शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय व्यवस्था, अध्ययन एवं ऑडियोमैट्री कक्षों का जायजा लिया। दर्रीपारा स्थित बालिका बालगृह में उन्होंने बच्चियों से मुलाकात कर फीडबैक लिया और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने, साथ ही आने-जाने वालों की एंट्री रजिस्टर बनाए रखने के निर्देश दिए।

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शक्ति सदन और नारी निकेतन

शक्ति सदन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने तीन श्रवणबधिर बालिकाओं को आशा निकुंज विशेष विद्यालय में शिफ्ट करने को कहा और बालिकाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल सिखाने पर जोर दिया। नारी निकेतन में महिलाओं से मिलकर उन्होंने शयनकक्ष और शौचालय की साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने बालिका एवं बालक सम्प्रेषण गृह, प्लेस ऑफ सेफ्टी बालक और बौद्धिक मंदता विद्यालय का भी निरीक्षण किया।


विभागीय समीक्षा बैठक

सरगुजा प्रवास के दौरान लक्ष्मी राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि

  • आंगनबाड़ी केंद्रों का सतत निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार की उपलब्धता और गुणवत्ता की जांच करें।

  • केंद्रों में स्वच्छता पर ध्यान दें और पोषण वाटिका विकसित करें।

  • स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र पूर्ण कराएं।

  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ केवल पात्रों को मिले, इसकी सुनिश्चितता करें।

  • आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाएं।

  • महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करें।

  • महतारी वंदन योजना, डेली ट्रैकिंग, टीएचआर वितरण, कुपोषण दर और बच्चों के आधार कार्ड जैसी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें।

  • दिव्यांगजनों और वृद्धों को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

बैठक में लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, अम्बिकापुर महापौर मंजूषा भगत, समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी बसंत मिंज, उप संचालक यू.के. उइके समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।