भारत में अक्षय तृतीया की धूम: ₹1.55 लाख के ‘गोल्ड रेट’ पर भारी पड़ा अटूट विश्वास; परशुराम जयंती पर देश हुआ भक्तिमय
नई दिल्ली/रायपुर: आज 19 अप्रैल 2026 को पूरे भारतवर्ष में **अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya)** और **भगवान परशुराम जयंती** का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का यह दिन भारतीय संस्कृति में ‘अबूझ मुहूर्त’ और ‘अक्षय फल’ देने वाला माना जाता है। इस वर्ष यह पर्व न केवल आध्यात्मिक कारणों से, बल्कि आर्थिक जगत में आए एक बड़े भूचाल—’गोल्ड रश’ (Gold Rush)—के कारण भी चर्चा में है।
सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: 1 साल में 50% से ज्यादा की वृद्धि
बाजार विशेषज्ञों को चौंकाते हुए इस वर्ष 24K सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। पिछले वर्ष की तुलना में कीमतों में लगभग 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
₹1,52,000 – ₹1,55,000
(प्रति 10 ग्राम, 24 कैरेट)
महंगाई के इस रिकॉर्ड स्तर के बावजूद, ज्वेलरी शोरूमों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग सोने के सिक्कों, बिस्कुट और छोटे आभूषणों को ‘शुभ निवेश’ मानकर खरीद रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह ‘विश्वास की जीत’ है जो मंदी और महंगाई पर भारी पड़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं: ‘सत्य और विवेक का मार्ग’
प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती की हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर जोर दिया।
राजनीतिक गलियारों से मंगलकामनाएं
कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री **देवेंद्र फडणवीस** सहित कई दिग्गजों ने भी जनता को बधाई दी है। फडणवीस ने कहा कि भगवान परशुराम का आशीर्वाद हमें साहस और अनुशासन के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे। विपक्षी दलों ने भी इस अवसर पर देश में शांति और समृद्धि की कामना की है।
आज का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज त्रिपुष्कर योग और रविवार का दुर्लभ संगम बन रहा है। खरीदारी और पूजा के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।
| महत्वपूर्ण समय | मुहूर्त (Time) |
|---|---|
| अक्षय तृतीया तिथि प्रारंभ | 18 अप्रैल, रात 10:49 बजे से |
| तृतीया तिथि समाप्त | 19 अप्रैल, रात 09:12 बजे तक |
| सोना खरीदने का शुभ समय | सुबह 05:52 से दोपहर 12:45 तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:55 से 12:46 तक |
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष आराधना
आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा का विधान है। श्रद्धालु सुबह जल्दी स्नान कर तुलसी दल के साथ विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर रहे हैं। कई लोग अपने वॉलेट (Wallet) की सफाई कर और उसमें गोमती चक्र या पीली कौड़ी रखकर धन की देवी का आह्वान कर रहे हैं। परंपरा के अनुसार, आज के दिन सत्तू, जल से भरा पात्र (कलश), पंखा और मौसमी फलों का दान करना ‘अक्षय फल’ दायी माना गया है।
अम्बिकापुर और सरगुजा में रौनक
छत्तीसगढ़ के **अम्बिकापुर** सहित सरगुजा संभाग में अक्षय तृतीया को लेकर बाजारों में विशेष उत्साह है। स्थानीय ज्वेलर्स ने ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर्स निकाले हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, विशेषकर सराफा बाजार में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
अक्षय तृतीया 2026 यह सिद्ध करती है कि भारतीय समाज में त्योहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ₹1.55 लाख का सोना भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर पाया। भगवान परशुराम की जयंती हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस देती है, तो अक्षय तृतीया हमें जीवन में संतोष और समृद्धि का मार्ग दिखाती है।












