
बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह का निर्देश – गौधाम संचालन में स्व-सहायता समूहों और समितियों को मिले बढ़ावा
कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन विभागों की बैठक में कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो। गौधाम संचालन हेतु स्व-सहायता समूहों और समितियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
गौधाम संचालन के लिए स्व-सहायता समूहों और समितियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश

जगदलपुर/25 सितम्बर 2025। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन विभागों की समीक्षा बैठक में कहा कि किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को खेती-किसानी की नवीन तकनीक, उद्यानिकी विस्तार, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी आयमूलक गतिविधियों में किसानों को सहयोग करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में किसानों को आरबीसी 6-4, डीएमएफ और सीएसआर मद से मुआवजा और सहायता देने पर जोर दिया। उन्होंने बस्तर अंचल में कोदो-कुटकी, रागी, दलहन-तिलहन और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने तथा किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गौधाम संचालन पर विशेष जोर
कमिश्नर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग और मुख्य राज्य मार्गों के किनारे नगरीय क्षेत्रों में मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गौधाम संचालन को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए आगामी पखवाड़े में स्व-सहायता समूहों, सहकारी समितियों और स्वयंसेवी संगठनों का चयन करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, उन्होंने घुमंतू मवेशियों की रोकथाम के लिए कांजी हाउस को सक्रिय रखने और मोबाईल पशु चिकित्सा यूनिट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया। मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए जलक्षेत्रों का पट्टा स्व-सहायता समूहों और मछुआ समितियों को देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सयुंक्त संचालक कृषि एमडी ध्रुव, संयुक्त संचालक पशुधन विकास डॉ. देवेंद्र नेताम, उपसंचालक कृषि राजीव श्रीवास्तव, उपसंचालक मत्स्यपालन मोहन राणा, उद्यानिकी विभाग सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अन्य जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।












