CG : छत्तीसगढ में स्मार्ट मीटर बना जानता का सिर दर्द, झोपड़ी में रहने वालों के आ रहे 1500 रुपये तक के बिल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। घोटालों के लिए बदनाम विद्युत वितरण कंपनी का स्मार्ट मीटर अब लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। वजह साफ है – यह मीटर दो से तीन गुना तक ज्यादा बिल उगल रहा है।

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स्थिति यह है कि कोई इस मीटर को माला पहनाकर पूजा कर रहा है, तो कोई सरकार को कोस रहा है। कहीं लोग पुराने मीटर लगाने की मांग कर रहे हैं, तो कहीं कांग्रेस शासनकाल की बिजली बिल हाफ योजना को याद करते हुए कहते हैं – भाजपा सरकार ने इसे बंद कर जनता की जेब ही नहीं, घर की जमा पूंजी तक साफ करनी शुरू कर दी है। झोपड़ी में रहने वालों के घर 1200-1500 रुपये तक के बिल आ रहे हैं, तो बंगलों में रहने वालों के लिए भी कोई हिसाब-किताब साफ नहीं है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दिनभर दूसरों के घरों में झाड़ू–बर्तन करने वाली महिलाओं के घर का बिल, उनके मालिक–मालकिन से भी ज्यादा आ रहा है।

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लोग पूछ रहे हैं।क्या बिजली विभाग के अफसरों के भ्रष्टाचार की भरपाई जनता से कराई जा रही है? कंपनी पर पहले से ही मीटर शिफ्टिंग और एरियल केबल बंच बदलने जैसे 300 करोड़ के घोटाले के आरोप लग चुके हैं।

लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। उनका कहना है कि कांग्रेस के समय बिजली बिल हाफ हुआ करता था, लेकिन अब 100 यूनिट की नई स्कीम और स्मार्ट मीटर के चलते जेब पर डाका डाला जा रहा है।माहौल साफ है सरकार की कार्यप्रणाली से जनता नाराज है। अगर समय रहते कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो यह नाराजगी जनआक्रोश में बदल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसका सीधा असर आने वाले मिशन 2028 पर भी देखने को मिल सकता है।