Louvre Museum Robbery: 864 करोड़ की चोरी में पासवर्ड था “Louvre”, चार गिरफ्तार, एक फरार

864 करोड़ की चोरी से हिला पेरिस का लूवर म्यूजियम, पासवर्ड था सिर्फ “Louvre”, चार गिरफ्तार

पेरिस: दुनिया के सबसे प्रसिद्ध संग्रहालयों में से एक लूवर म्यूजियम से 864 करोड़ रुपये (102 मिलियन डॉलर) मूल्य के अमूल्य रत्नों की चोरी के मामले ने पूरे फ्रांस को हिला दिया है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी के बाद जांच में सामने आया कि संग्रहालय की सुरक्षा प्रणाली का पासवर्ड मात्र “Louvre” था, जिससे अपराधियों को सिस्टम हैक करना आसान हो गया।

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यह खुलासा फ्रांसीसी राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (ANSSI) की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है, जिसने कहा कि वीडियो सर्विलांस सिस्टम की कमजोर सुरक्षा ने अपराधियों की मदद की।


कैसे हुई 864 करोड़ की चोरी

18 अक्टूबर को दिनदहाड़े जैकेट और हेलमेट पहने चार चोरों ने गैलेरी डी’अपोलोन (Galerie d’Apollon) में घुसकर महज 7 मिनट में चोरी को अंजाम दिया।
उन्होंने चेनसॉ से डिस्प्ले केस तोड़े और 8 अमूल्य रत्न, जिनमें एक नीलम मुकुट, हार और बाली शामिल थे, लेकर फरार हो गए। ये सभी गहने 19वीं सदी की रानियों मैरी-एमिली और हॉर्टेंस द्वारा पहने जाते थे।

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चार आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार

फ्रांसीसी पुलिस ने इस केस में अब तक चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
इनमें से तीन डकैती में शामिल थे, जबकि एक सहयोगी बताया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों में एक टैक्सी चालक, एक डिलीवरी मैन और एक कचरा बीनने वाला शामिल हैं — सभी उत्तरी पेरिस के उपनगरों से हैं।
पुलिस के अनुसार, इनमें से किसी का भी पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

कचरा बीनने वाले आरोपी को उस समय पकड़ा गया जब वह अल्जीरिया जाने वाली उड़ान में सवार होने वाला था।
हालांकि चोरी किए गए रत्न अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।


सुरक्षा में चौंकाने वाली चूक

ANSSI की जांच में यह भी पता चला कि

  • लूवर की वीडियो निगरानी प्रणाली में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन नहीं था

  • सुरक्षा कर्मियों को पासवर्ड बदलने का कोई निर्देश नहीं मिला था।

  • डेटा एन्क्रिप्शन और बैकअप सिस्टम निष्क्रिय पाए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर की चोरी के लिए अंदरूनी लोगों की भूमिका भी हो सकती है।

फ्रांसीसी संस्कृति मंत्रालय ने इस मामले को “राष्ट्रीय धरोहर पर हमला” करार दिया है।
सरकार ने लूवर और देश के सभी प्रमुख म्यूजियमों को सुरक्षा प्रोटोकॉल की तत्काल समीक्षा का आदेश दिया है।