बिहार एग्जिट पोल 2025: NDA को 154 सीटों का अनुमान, महागठबंधन को 83; नीतीश को सीएम फेस बनाकर भाजपा ने बनाया संतुलन

बिहार एग्जिट पोल 2025: NDA को स्पष्ट बहुमत, महागठबंधन पिछड़ा; PK की जन सुराज रही बेअसर


एग्जिट पोल में NDA की सरकार का अनुमान

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों का मतदान पूरा होते ही मंगलवार शाम 17 सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी किए।
इन एजेंसियों के पोल ऑफ पोल्स के अनुसार, 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA को 154 सीटें, महागठबंधन को 83 सीटें और अन्य को 5 सीटें मिलने का अनुमान है।
इससे साफ संकेत मिलते हैं कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA एक बार फिर सरकार बनाने की स्थिति में है।

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पार्टीवार अनुमान

पार्टी/गठबंधन अनुमानित सीटें
बीजेपी 75
जेडीयू 68
हम 5
एलजेपी 4
आरजेडी 58
कांग्रेस 13
सीपीआई (एमएल) 8
अन्य 5

PK की जन सुराज पार्टी रही बेअसर

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहली बार मैदान में थी, लेकिन एग्जिट पोल्स में इसका प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा।
सर्वे एजेंसियां इसे 3 से 5 सीटों तक सीमित मान रही हैं।


पिछले चुनावों की तुलना में NDA को बढ़त

2020 के विधानसभा चुनाव में NDA को 125 और महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं।
इस बार के अनुमानों में NDA को करीब 29 सीटों का फायदा और महागठबंधन को 27 सीटों का नुकसान दिखाया गया है।

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एग्जिट पोल कितने भरोसेमंद?

पिछले दो चुनावों (2015 और 2020) में एग्जिट पोल्स गलत साबित हुए थे।
2015 में पोल्स ने NDA को बढ़त दी थी, लेकिन नतीजों में महागठबंधन जीता।
2020 में उलट हुआ—पोल्स ने RJD को आगे बताया था, पर NDA ने सरकार बनाई।


एग्जिट पोल्स की सटीकता पर 4 वजहें

  1. माइग्रेंट वोटर्स – बिहार से बाहर काम करने वाले लाखों लोग सर्वे सैंपल में शामिल नहीं हो पाते।

  2. जाति आधारित समीकरण – छोटे सैंपल साइज में जातीय शिफ्ट का असर नहीं दिखता।

  3. साइलेंट वोटर्स – बड़ा तबका अपनी पसंद खुलकर नहीं बताता।

  4. महिला वोटर्स – महिला वोटिंग टर्नआउट अधिक, पर राय साझा करने की प्रवृत्ति कम।


हाल के 7 राज्यों में एग्जिट पोल्स की सटीकता

  • महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर — लगभग सभी जगह गलत अनुमान।

  • दिल्ली — सर्वे सबसे ज्यादा सटीक रहा (80% तक सही)।


नीतीश कुमार NDA के CM फेस

NDA ने इस चुनाव में नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया।
उनका OBC + सवर्ण + महिला वोटर्स के बीच संतुलन NDA के लिए मुख्य रणनीति मानी जा रही है।
नीतीश 2005 से अब तक 9 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जो देश में सबसे लंबा कार्यकाल है।


तेजस्वी यादव महागठबंधन का युवा चेहरा

महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को युवाओं और फर्स्ट टाइम वोटर्स को आकर्षित करने के लिए आगे रखा है।
तेजस्वी लालू यादव की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और MY (मुस्लिम–यादव) वोट बैंक के अलावा दलित और पिछड़े वर्गों को साधने की कोशिश में हैं।