
West Bengal Politics: पीएम मोदी के बयान पर भाजपा और टीएमसी आमने-सामने
बिहार चुनाव में NDA की जीत के बाद पीएम मोदी ने बंगाल को अगला लक्ष्य बताया। उनके बयान पर भाजपा और टीएमसी आमने-सामने आ गए हैं। समिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष ने बदलाव की बात कही, जबकि मंत्री शशि पांजा ने भाजपा को ‘बंगाल विरोधी’ बताया।
पीएम मोदी के बयान पर बंगाल की सियासत गरमाई, भाजपा–टीएमसी आमने-सामने
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दिया कि अब भाजपा का अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल है। पीएम मोदी ने कहा था—
“गंगा बिहार से बंगाल तक बहती है। बिहार ने बंगाल में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। अब हम बंगाल से भी जंगल राज हटाएंगे।”
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने–सामने हैं और बयानबाज़ी चरम पर है।
समिक भट्टाचार्य का पलटवार – “बंगाल में अराजकता, जनता बदलाव के लिए तैयार”
पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पीएम मोदी का समर्थन करते हुए कहा—
“प्रधानमंत्री ने वही कहा, जो कहना जरूरी था। बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है, वो अराजकता है और कानून व्यवस्था का पूरी तरह अभाव है। यहां की जनता ने तृणमूल कांग्रेस की सरकार को त्यागने का फैसला कर लिया है।”
दिलीप घोष बोले – “अब बंगाल की बारी है”
भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा—
“पीएम मोदी ने इशारा कर दिया है और ये जरूर होगा। अब बंगाल की बारी है। यहां बदलाव बहुत जरूरी है।”
शशि पांजा का जवाब – “महिलाएं BJP को सही जवाब देंगी”
टीएमसी मंत्री शशि पांजा ने प्रधानमंत्री पर सीधे हमला बोला। उन्होंने कहा—
“आपने बंगाल की महिलाओं का अपमान किया है। आपने राज्य को मिलने वाले पैसों और महिलाओं को मिलने वाली सहायता रोकी है। भाजपा को बंगाल में ‘बंगाल विरोधी जमींदार’ के तौर पर जाना जाता है। चुनाव में उनकी कोई संभावना नहीं है क्योंकि महिलाएं उन्हें सही जवाब देंगी।”
शशि पांजा ने यह भी कहा कि बंगाल की जनता भाजपा को कभी स्वीकार नहीं करेगी और यह दावा करना कि भाजपा की जीत तय है, “सिर्फ भ्रम” है।








