West Bengal Election 2025: बीजेपी का मेगा प्लान, 160–170 सीटों का लक्ष्य, महिला सुरक्षा मुख्य मुद्दा

BJP का पश्चिम बंगाल फतह प्लान शुरू — 160–170 सीटों का लक्ष्य, वंशवाद और महिला सुरक्षा पर बड़ा अभियान

बिहार चुनाव में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब पूरी ताकत के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी में लग गई है। पार्टी ने इस चुनाव में 160–170 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए एक बड़ा संगठनात्मक और राजनीतिक प्लान तैयार किया गया है।

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टीएमसी में असंतोष पर BJP की पैनी नजर

रणनीतिकारों के अनुसार भाजपा इस बार टीएमसी के बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने की आक्रामक रणनीति नहीं अपनाएगी।
पार्टी का मानना है कि इसका वोटों पर सीमित असर पड़ता है।

हालांकि भाजपा की नजर टीएमसी के भीतर के असंतोष, खासकर अभिषेक बनर्जी को लेकर नाराजगी पर गड़ी हुई है।
बीजेपी इसे वंशवाद के मुद्दे से जोड़कर जनता के बीच बड़े अभियान की तरह उठाने की तैयारी कर रही है, ठीक ओडिशा के पांडियन मॉडल की तरह।

टीएमसी के कई वरिष्ठ नेताओं में अभिषेक बनर्जी को लेकर नाखुशी है और बीजेपी इसे चुनावी नैरेटिव के तौर पर पेश करेगी।


70 हजार बूथों पर बूथ समितियां बनाने का लक्ष्य

पश्चिम बंगाल के कुल 91,000 बूथों में से भाजपा ने 70,000 बूथों पर बूथ कमेटी गठन का लक्ष्य तय किया है।
वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद नई सूची के आधार पर बूथ कमेटियों का पुनर्गठन किया जाएगा।

पार्टी जल्द ही राज्यभर में विस्तृत यात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों की शुरुआत करेगी।

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महिला सुरक्षा बनेगी बीजेपी का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा

भाजपा के अनुसार पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते महिला अपराध और सुरक्षा की खराब स्थिति जनता की प्राथमिक चिंता है।
भाजपा इन मुद्दों को सबसे बड़े चुनावी नैरेटिव के रूप में जनता के बीच ले जाएगी।

पार्टी का स्पष्ट संदेश होगा—
“जीना है तो बीजेपी को वोट दो, सम्मान से रहना है तो बीजेपी को वोट दो।”


हिंदुत्व पर कम, विकास और सुरक्षा पर अधिक जोर

भाजपा का आकलन है कि बंगाल में जातीय राजनीति उतनी प्रभावी नहीं है, इसलिए पार्टी इस बार—

  • महिला सुरक्षा

  • रोज़गार और पलायन

  • औद्योगीकरण की कमी

  • राज्य की कमजोर अर्थव्यवस्था

  • कानून-व्यवस्था

जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देगी।

पार्टी मानती है कि हिंदुत्व उसका मौजूदा पहचान आधारित मजबूत मुद्दा है, जिसे अलग से खास तौर पर उछालने की जरूरत नहीं है।


संगठन को एकजुट करना बड़ा लक्ष्य

भाजपा नेतृत्व राज्य में अपने विभिन्न धड़ों में बंटी इकाइयों को एकजुट करने के प्रयास में है ताकि चुनाव के दौरान संगठन की शक्ति अधिकतम रूप में दिख सके।